गिरौधपुरी का जैतस्तंभ क्यो प्रसिद्ध है

  

दोस्तों आइए जानते है सतनाम के प्रवर्तक बाबा के सफेद जैतस्तंभ के बारे में जानने के लिए इस ब्लॉग में बने रहिए

भारत के दिल में स्थित छत्तीसगढ़ में समृद्ध संस्कृति परंपराए और अद्भुत प्रकृतिक विविधता हैं राज्य में प्राचीन स्मारक, दुलभ, वन्यजीव,झरने, पहाड़ी पठार, गुफाए, बौद्ध स्थल है लेकिन इन सभी पर्यटन स्थल के अलावा एक और नए पर्ययन स्थल का निर्माण किया गया जो वर्तमान में ओर आने वाले समय में भी छत्तीसगढ़ की शान बना रहेगा यह पर्यटन स्थल गिरोदपुरी में है जिसे गिरौदपूरी कहा जाता है आइए जानते है जैतस्तंभ के बारे में 


                     जैतस्तंभ क्या है

जैतस्तंभ सतनामियों के  सत्य नाम का प्रतीक जैतस्तंभ  साथ ही  सनातन पंथ की विजय कीति को प्रदर्शित करने  वाली अध्यात्मिक पताका है आमतौर पर सतनाम समुदाय के लोगों द्वारा अपने मोहल्ले, गांव में प्रमुख स्थल पर खंबे में सफेद झंडा लगा दिया जाता है जिसे जैतखाम कहा जाता हैं यहां कई तरह के धार्मिक क्रियाकलाप किए जाते हैं

            जैन शांति एकता और भाईचारा का प्रतीक है गिरौदपुरी में जो जैतस्तंभ बनाया गया है यहां समांतर पर जो जख्म बनाया जाता उससे बिल्कुल अलग है यहां बहुत भाग्य हैं साथ ही इसे बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है गिरौदपुरी जैतस्तंभ  दिल्ली के कुतुब मीनार से भी अधिक है इसकी ऊंचाई 77 मीटर (243) फीट जबकि कुतुबमीनार 72.5 मीटर (237) फीट ऊंची हैं सीढ़ियों से ऊपर और नीचे जाने के लिए एक स्पाइरल सिडनी भी बनाई गई है इसके अलावा लिफ्ट को विशेष रूप से बुजुर्ग, विकलांग, बच्चों ,और महिलाओं, के लिए डिजाइन किया गया जैन शांति एकता और भाईचारा का प्रतीक है गिरौदपुरी में जो जैतखाम बनाया गया है यहां समांतर पर जो जख्म बनाया जाता उससे बिल्कुल अलग है यहां बहुत भाग्य हैं साथ ही इसे बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है गिरौदपुरी जैतखाम कि दिल्ली के कुतुब मीनार से भी अधिक है इसकी ऊंचाई 77 मीटर (243) फीट जबकि कुतुबमीनार 72.5 मीटर (237) फीट ऊंची हैं सीढ़ियों से ऊपर और नीचे जाने के लिए एक स्पाइरल सिडनी भी बनाई गई है इसके अलावा लिफ्ट को विशेष रूप से बुजुर्ग, विकलांग, बच्चों ,और महिलाओं, के लिए डिजाइन किया गया 

यह स्तंभ कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगता है सफेद स्तंभ की वास्तुकला इतनी शानदार है कि लोगों की आंखें चकरा जाती हैं यह वायुदाब और भूकंप प्रतिरोधी हैं और आसानी बिजली से और आप से बचाव के लिए उच्च तकनीकी प्रधान भी किए गए हैं इसके अलावा इसमें सात बालकानीयां भी बनाई गई है, जहां आगंतुक अपने आस पास के खुबसूरत प्राकृतिक परिदृश्य को देख पाएंगे 

पर्यटन:

गिरौदपुरी धाम में सबसे ऊंचा 77 मीटर फिट का जैतखाम  जिसका लोकार्पण गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर 2015 में मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा किया गया था

जैतखाम शानदार और अदभुत है जिसे देख कर आपको अत्यंत आनंद का अनुभव होगा

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