भारत में नवरात्रि मनाने के लिए 12 सर्वश्रेष्ठ स्थान

नवरात्रि भारत में सबसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है, जिसे बहुत उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है और हर रूप की अलग महिमा बताई गई है. भारत में मां के इन स्वरूपों से जुड़े कई प्राचीन मंदिर हैं, जिन्हें अद्भुत और चमत्कारी माना जाता है. भक्त नवरात्रि के दौरान इन मंदिरों में जाकर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. माना जाता है कि नवरात्रि में नौ देवियों के मंदिरों का दर्शन करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

नवरात्रि में घूमने लायक 12 खास जगहें

1.हरिद्वार
अगर आपको नवरात्रि के दिनों में शांति भरे किसी स्थान में आध्यात्म का अनुभव करना है तो हरिद्वार को आप अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं जहां पर माँ दुर्गा को समर्पित कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां पर माँ के दर्शन के समय होने वाले जयकारे आपको एक अलग ही सुखद अनुभव देंगे|हरिद्वार में बिलवा पर्वत पर स्थित मनसा देवी मंदिर और नील पर्वत पर स्थित चंडी देवी मंदिर में नवरात्रि के दिनों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारे माँ के दर्शन को लगी रहती हैं| मान्यता है कि माँ अपने सभी भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती हैं| किसी दिव्य स्थान में माता रानी के समक्ष अपनी मन की कामनायें रखने की इच्छा हो तो हरिद्वार को नवरात्रि में घूमने की जगह में शामिल कर सकते हैं|

हरिद्वार में घूमने की जगह – हर की पौड़ी, चंडी देवी मंदिर, भारत माता मंदिर, मनसा देवी मंदिर, राजा जी राष्ट्रीय पार्क, पिरान कलियर, सुरेश्वरी देवी मंदिर, शांतिकुंज, सप्तऋषि आश्रम, विष्णु घाट, परमार्थ निकेतन आश्रम, वैष्णों देवी मंदिर, आनंदमयी आश्रम तथा माया देवी मंदिर आदि हरिद्वार के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं|

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2.जम्मू
शिवालिक पर्वतमाला पर स्थित जम्मू जिसका जिक्र प्राचीन ग्रंथ महाभारत में भी देखने को मिलता है, नवरात्रि में घूमने की जगह में शामिल करने योग्य स्थान है, जहां का वैष्णों देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है तथा नवरात्रि के समय यहाँ पर माता रानी के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं|‘मंदिरों का शहर’ की संज्ञा से संबोधित किया जाने वाला जम्मू जहां के बहू किले में स्थित महा काली का मंदिर भी रहस्यमयी शक्तियों से ओत-प्रोत है तो ऐसी धन्य शक्तियों के अनुभव के लिए इसे भला कौन ही अपनी नवरात्रि में घूमने लायक धार्मिक स्थान की सूची में शामिल नहीं करेगा? तो चलिए लगाते हैं माता रानी के जयकारे प्रेम से बोलो जय माता दी और बढ़ चलते हैं अपने इस दिव्य सफर की ओर|

जम्मू में घूमने की जगह – वैष्णों देवी मंदिर, रणवीरेश्वर मंदिर, बहू किला, अमर महल, रघुनाथ मंदिर, अखनूर किला, मुबारक मंडी पैलेस, पंचवक्तर मंदिर, रानी कलहुरी देवी मंदिर, राधे श्याम मंदिर, पीर खो मंदिर, गुरुद्वारा सुंदर सिंह, पंजतीर्थी, जामा मस्जिद, पीर बुधन अली शाह साहिब दरगाह, महाकाली मंदिर (बावे वाली माता), संत रोचा सिंह आश्रम, सेंट कैथेड्रल गैरिसन चर्च, श्री सत्य नारायण मंदिर, आप शंभू मंदिर, महा माया मंदिर, गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देवजी, सेंट पॉल चर्च, हर-की-मंदिर, दूधा धारी मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, श्री बनवारी दास मंदिर, राम तलाई मंदिर तथा राधा कृष्ण रुक्मणी मंदिर आदि जम्मू के प्रमुख स्थान हैं|

3.दिल्ली
दिल वालों का शहर दिल्ली जहां के लोग हर त्यौहार में अपने रंगों को अवश्य ही बिखेर देते हैं, नवरात्रि के जश्न में भी किसी प्रकार की कोई कसर नहीं रखते हैं| जगह-जगह पर सजे हुए दुर्गा पूजा के पंडाल जहां उत्सव के जश्न को बढ़ाने के लिए लोगों के पारंपरिक पहनावे इस पंडाल की भव्यता में चार चांद लगाते हैं|दिल्ली में माँ दुर्गा को समर्पित कई प्राचीन मंदिर हैं जिनमें नवरात्रि के दिनों में भक्तों का हुजूम लगा रहता है| यहाँ के देवी को समर्पित मंदिरों में गरबा और डांडिया का आयोजन आपको भी इस उत्सव में झूमने को अवश्य ही विवश कर देगा जिसके लिए आपको राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को नवरात्रि में घूमने की 10 बेस्ट जगह में शामिल करना पड़ेगा|

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दिल्ली में घूमने की जगह – कालकाजी माता मंदिर, लाल किला, लोधी गार्डन, इंडिया गेट, लक्ष्मी नारायण मंदिर, योगमाया मंदिर, कात्यायनी माता मंदिर, काली माता मंदिर, हुमायूँ का मकबरा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, पहाड़गंज, झंडेवाला मंदिर, गुफा मंदिर, कुतुबमीनार, सरोजनी नगर मार्केट, लोटस टेम्पल, कैनोट प्लेस, जामा मस्जिद, जंतर मंतर, अक्षरधाम मंदिर, राज़ घाट, नेशनल म्यूजियम, चांदनी चौक, अग्रसेन की बावली, नेहरू पार्क तथा इस्कॉन मंदिर आदि दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं|

4.कोलकाता
हम सब जानते हैं कि कोलकाता और वहाँ के लोगों के लिए दुर्गा पूजा का कितना महत्व है। यहाँ रहने वाले लोगों के लिए नवरात्रि सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस दौरान माँ दुर्गा की भव्य मूर्तियों के रूप में उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। बड़े पंडाल सजाए जाते हैं।

5.वडोदरा
गुजरात में नवरात्रि को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस उत्सव को और भी खास बनाता है यहाँ किया जाने वाला गरबा या डांडिया। यहाँ नौ दिनों तक डांडिया उत्सव मनाया जाता है। लोग रंग-बिरंगे कपड़ों में गरबा डांस करते दिखाई देते हैं।

6.जयपुर
नवरात्रि के समय राजस्थान के जयपुर शहर का मंज़र भी देखने लायक होता है। इस दौरान माँ दुर्गा के भव्य पांडाल लगाए जाते हैं और मेला भी लगता है। यहाँ की लोक कला और रंगीन सजावट हर किसी को आकर्षित करती है।

7. वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू-कश्मीर
त्रिकुटा पर्वत पर स्थित वैष्णो देवी का धाम भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थों में से है। नवरात्रि में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। गुफा में तीन पिंडियों के रूप में माता महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा होती है। माना जाता है कि नवरात्रि में देवी यहां विशेष रूप से जागृत होकर भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

8.चामुंडा देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
कांगड़ा के पास स्थित चामुंडा देवी का मंदिर मां दुर्गा के उग्र रूप को समर्पित है। नवरात्रि में यहां दुर्गा सप्तशती का पाठ और विशेष अनुष्ठान होते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इन दिनों देवी खुद वहां आ जाती हैं और अपने भक्तों को हर बुरी शक्तियों से रक्षा देती हैं।

9.दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पश्चिम बंगाल
हुगली नदी के किनारे स्थित यह मंदिर मां काली के भव्य रूप को समर्पित है और श्री रामकृष्ण परमहंस से जुड़ा है। नवरात्रि के दौरान, विशेषकर महाष्टमी और महानवमी पर, यहां हजारों भक्त देवी भुवनेश्वरी के रूप में मां काली का आशीर्वाद लेने आते हैं।

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10.कामाख्या मंदिर, असम
गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर शक्ति पीठों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां देवी सती के योनिभाग की पूजा होती है, जो सृजन शक्ति का प्रतीक है। नवरात्रि में यहां देवी की सृजनात्मक ऊर्जा विशेष रूप से जाग्रत मानी जाती है।

11.मंडवारानी मंदिर
मंडवारानी मंदिर विशेष तौर जवारा कलश के लिए माना जाता है। पर्व की शुरूवात के साथ मन्ना्‌त की ज्योति कलश के साथ मंदिर में जौ की बुआई भी की गई। जस गीत व देवी भजन से पर्वतीय क्षेत्र का वातावरण भक्ति मय हो गया है। सड़क मार्ग से पहाड़ उपर तक भक्तो का रेला देखते ही बन रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र देवी मंदिर आगामी त्रयोदशी तक परंपरागत पूजा अर्चना जारी रहेगी। मान्यता के अनुसार मड़वारानी देवी पांच महाशक्तियों साथ विराजमान है। पहाड़ उपर मंदिर तक पहुंचने के मार्ग को सुगम बनाया गया है। पहाड़ के उपर तक वाहन से पहुंचा जा सकता है। पर्व में बढ़ने वाली कतार को देखते हुए आगामी त्रयोदशी तक वाहनों का उपर ले जाना वर्जित कर दिया है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिहाज व्यापक इंतजाम किया गया है। दूर दराज से पहुंचने वाले भक्तों के विश्राम व पेयजल की व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थी श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कतार में लगकर भक्त दर्शन कर रहे हैं।

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12.सर्वमंगला मंदिर
कोरबा मुख्यालय से 5 किलोमीटर व बिलासपुर से 70 किलोमीटर दूर कोरबा से पंतोरा व कटघोरा जाने वाले रास्ते पे हसदेव नदी व नहर के किनारे दुरपा गाँव में स्थित है माँ सर्वामंगला मंदिर जो कोरबा जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है | मंदिर का इतिहास वैसे तो 122 साल पुराना है। जिसकी स्थापना सन् 1898 के आस पास मानी जाती है। लेकिन इस मंदिर को कोरेश के जमींदार में से एक राजेश्वर दयाल के पूर्वजों द्वारा बनवाया था।यहाँ मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है, यहा मंदिर त्रिलोकिनाथ मंदिर, काली मंदिर और ज्योति कलाश भवन से घिरा हुआ है। यहा एक गुफा है, जो नदी के नीचे जाता है और दूसरी तरफ निकलता है। रानी धनराज कुंवर देवी को मंदिर में अपनी दैनिक यात्रा के लिए इस गुफा का इस्तेमाल किया करती थी।

Ask question

1.भारत का पहला मंदिर कौन सा है?

मुंडेश्वरी देवी मंदिर को दुनिया का सबसे पुराना कार्यात्मक हिंदू मंदिर कहा जाता है! बिहार के कैमूर में स्थित इस मंदिर का निर्माण चौथी शताब्दी में गुप्त काल के दौरान हुआ माना जाता है।

2.दुनिया का सबसे पुराना मंदिर कौन सा है?

दुनिया का सबसे पुराना कार्यरत हिंदू मंदिर, इसकी स्थापना 108 ईस्वी में हुई थी

3.पृथ्वी पर सबसे पुराना मंदिर कौन सा है?

बिहार की मुंडेश्वरी पहाड़ियों पर स्थित मुंडेश्वरी देवी मंदिर भारत के सांस्कृतिक और स्थापत्य इतिहास में प्रमाणित प्रतीक के रूप में खड़ा है। यह विश्व का सबसे पुराना हिन्दू मंदिर है, जिसकी स्थापना 108 ई.

प्रसिद्ध मंदिरों की सूची दी गई है:

  1. काशी विश्वनाथ मंदिर: वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित यह भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है। 
  2. तिरुपति बालाजी मंदिर: आंध्र प्रदेश में स्थित यह भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और एक प्रमुख तीर्थस्थल है। 
  3. स्वर्ण मंदिर: अमृतसर, पंजाब में स्थित यह सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थल है। 
  4. वैष्णो देवी मंदिर: जम्मू और कश्मीर की त्रिकूट पहाड़ियों पर स्थित यह एक लोकप्रिय तीर्थस्थल है। 
  5. अक्षरधाम मंदिर: दिल्ली में स्थित यह मंदिर स्वामी नारायण संप्रदाय का है और अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। 
  6. सिद्धिविनायक मंदिर: मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित यह गणपति का एक प्रसिद्ध मंदिर है। 
  7. जगन्नाथ मंदिर: पुरी, ओडिशा में स्थित यह मंदिर भगवान जगन्नाथ को समर्पित है और चार धामों में से एक है। 
  8. सोमनाथ मंदिर: गुजरात में स्थित यह भगवान शिव को समर्पित सबसे प्राचीन और समृद्ध मंदिरों में से एक है। 
  9. पद्मनाभस्वामी मंदिर: केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित यह मंदिर अपनी अपार संपत्ति के लिए जाना जाता है। 
  10. महाकालेश्वर मंदिर: उज्जैन, मध्य प्रदेश में स्थित यह भगवान शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है। 

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