CG Tourism: टूरिज्म के लिए फेमस छत्तीसगढ़ में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि हजारों टूरिस्ट स्पॉट हैं जहां आपको झरने से लेकर पहाड़ सब कुछ देखने को मिलेगा. यहां न ही हिली एरिया की कमी है और न ही धार्मिक स्थलों की. जुलाई की बरसात में अगर दोस्तों के साथ कहीं ट्रैवलिंग का प्लान बना रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ के इन टूरिस्ट स्पॉट को कतई इग्नोर न करें. ये लोकेशन इतनी अननोन हैं कि फेमस ट्रैवल व्लोगर को भी इन जगहों के बारे में नहीं पता
जुलाई-सितंबर में घूमने वाली जगह
CG Tourism जो लोग ठंडे वातावरण, पहाड़ी एरिया और नेचर का व्यू लेने के लिए कई किमी तक ट्रैवल करते हैं, उनके लिए छत्तीसगढ़ के खूबसूरत लोकेशन एक बड़ा सरप्राइज हो सकता है. जिन लोगों ने छत्तीसगढ़ की सैर नहीं की है, उन्हें जुलाई-सितंबर के बीच यहां जरूर आना चाहिए.
1.बारनवापारा वाइल्डलाइफ सेंचुरी: रायपुर से 100 और महासमुंद जिले से 45 किलोमीटर दूर बारनवापारा का वाइल्ड लाइफ सेंचूरी छत्तीसगढ़ के सबसे फेमस पर्यटन स्थलों में से एक है। महासमुंद के उत्तरी भाग में स्थित 245 वर्ग किमी के भाग में फैला बारनवापारा अभ्यारण्य छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है। यहां वन्य जीवों को आप देख सकते है। बता दें कि यह सेंचूरी हफ्ते के सातों दिन खूली होती है।
2.मैनपाट CG Tourism: मैनपाट सरगुजा जिले में आता है। अंबिकापुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर मैनपाट की सुंदर पहाड़ी है। ठंड के दिनों में मैनपाट का नजारा और भी सुंदर हो जाता है। ठंड के मौसम में यहां का टेम्प्रेचर शून्य से भी नीचे हो जाता है। इसलिए ठंड के दिनों में यह लोगों का फेवरेट टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन जाता है। बता दें आपको बता दें कि मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है। यहां बसे तिब्बती शरणार्थी इस जगह को और भी शांतिपूर्ण और आकर्षक बनाते हैं।
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3.चित्रकोट जलप्रपात CG Tourism: भारत के नियाग्रा फॉल के रूप में पहचाना जाने वाला यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ का मुख्य पर्यटन केन्द्र है। सालभर सैलानी यहां के नजारों का लुफ्त उठाने आते हैं। इंद्रावती नदी का पानी जब विधू की पहाड़ी श्रृंखलाओं से बहता हुआ चित्रकोट का निर्माण करता है। यह जगदलपुर से 39 किलोमीटर की दूरी पर है। 980 फीट चौड़ा वॉटर फॉल का पानी जब 98 फीट की ऊंचाई से गिरता है तो यह नजार देखने लायक होता है। चित्रकोट फॉल इंद्रावती नदी पर है। जब फॉल का पानी नदी में गिरता है तो उसकी फुहार से सुंदर इंद्रधनुष बनता है। इसे देखने के लिए टूरीस्ट सिर्फ छत्तीसगढ़ से ही नहीं बल्की दूसरे प्रदेशों से भी आते हैं।
4.हांदवाड़ा जलप्रपात CG Tourism: जगदलपुर का हांदवाड़ा जलप्रपात न सिर्फ छत्तीसगढ़ का बल्कि देश के सबसे बड़े जलप्रपातों में से एक है। घने जंगलों के अंदर करीब 500 फीट की ऊंचाई से गिरते इस वॉटरफॉल के नजदीक अब तक बहुत कम लोग पहुंच पाए हैं। पर यह वाटरफॉल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ठंड के मौसम में इसका नजारा लोगों को बहुत लुभाता है।
5.बुका और सतरेंगा: कोरबा जिले का ‘बुका’ पर्यटकों के फेवरेट प्लेस में नया नाम है। इसे Golden Island Buka के नाम से डेवलेप किया गया है। अगर आप खूबसूरत वादियों के बीच घुड़सवारी करना चाहते हैं तो बुका आपको जरूर पसंद आएगा। आप यहां वॉटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, एडवेंचर स्पोर्ट्स और लग्जरी रिजॉर्ट का आनंद ले सकते हैं।
6.चिल्फी घाटी CG Tourism: अगर आप खतरनाक घाटियों में ड्राइविंग के शौकीन हैं, तो कवर्धा जिले का चिल्फी घाटी आपका फेवरेट डेस्टिनेशन हो सकता है। घने जंगलों से घिरी घाटी में कई रोमांचित कर देने वाले मोड़ हैं। ठंड के दिनों में चिल्फी घाटी किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता। बता दें कि ठंड के मौसम में यहां का तापमान इतना कम हो जाता है कि ओस की बूंदे जम जाती है। सुंदर घाटियों से घिरे इस ठंडी जगह पर आपको एक बार जरूर जाना चाहिए।
7.कांगेर वैली नेशनल पार्क: छत्तीसगढ के बस्तर जिले के कांगेर वैली नेशनल पार्क को राज्य के सबसे बड़े एथेनिक पर्यटन के रूप में पहचान मिले काफी साल हो गए हैं। यहां के जंगल बारहोंमास हरे भरे रहते हैं। ठंड के वक्त घूमने जाने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है। यहां वनस्पतीयों, जंगली जानवरों, और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां देखने को मिलती है। जिसमें बाघ, तेंदुआ, जंगली सुअर, हिरण, अजगर आदि शामिल हैं।
8.अचानकमार वन्यजीव अभ्यारण्य: ठंड के समय आप परिवार और दोस्तों के साथ सैर करने और प्रकृति के करीब रहने के लिए अचानकमार वन्यजीव अभ्यारण्य भी जा सकते हैं। अचानकमार वन्यजीव अभ्यारण्य छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अभ्यारण्य में से एक है। यह अभ्यारण्य बिलासपुर से 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
9.पत्थरों का परिवार – नेचर लवर जो हरियाली और सुकून भरी शांति की खोज में हैं, उन्हें इस जगह जरूर पहुंचना चाहिए. पत्थरों का परिवार देखने के लिए आपको जिला बीजापुर आना होगा, फिर यहां से नीलम सरई और यहां से खूबसूरत रास्ते होते हुए तीन किलोमीटर का रास्ता तय कर पत्थरों का परिवार. इस जगह पर आपको बड़े-बड़े पत्थर एक साथ दिखाई देंगे, मानो वे किसी परिवार का हिस्सा हैं.
10.ढोलकल शिखर CG Tourism – छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है ढोलकल शिखर. यहां पहुंचना किसी एडवेंचर से कम नहीं है. इस शिखर तक पहुंचने के लिए आपको ट्रेक करना पड़ता है, जो चैलेंजिंग होने के साथ खूबसूरत रास्तों से होते हुए जाता है. शिखर पर पहुंचने पर आपको 2 चीजें दिखाई देंगी: एक भगवान गणेश की प्राचीन मूर्ति और दूसरी 2-3 हजार फीट की ऊंचाई से दिखता व्यू.
11.चिरमिरी CG Tourism – छत्तीसगढ़ के स्वर्ग नाम से जानी जाने वाली जगह चिरमिरी बरसात के मौसम में और भी खूबसूरत हो जाती है. कोरिया जिले की ये सबसे खास जगह यूं तो कोयला खदानों के लिए फेमस है, लेकिन बारिश के मौसम में आप यहां की नैचुरल सुंदरता देखने जरूर पहुंच सकते हैं.
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12.कांगेर वैली में प्रकृति की खूबसूरती: कांगेर वैली नेशनल पार्क में जलप्रपात के अलावा विशालकाय गुफाएं हैं. छत्तीसगढ़ की राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना सहवास क्षेत्र भी कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान ही है. यहां कई ऐसे विलुप्तप्राय वन्य जीव हैं, जो दूसरे जगह देखने को नहीं मिलते. कांगेर वैली नेशनल पार्क को देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक बस्तर पहुंचते हैं.
13.कोटमसर गुफा: कांगेर वैली नेशनल पार्क में प्राकृतिक कोटमसर गुफा मौजूद है. जो 50 फीट के करीब चौड़ी है. गुफा के अंदर कई आकृतियां बनी हुई है. इसके अलावा इस गुफा के अंदर अंधी मछली भी पाई जाती है. कोटमसर गुफा के अलावा दंडक गुफा, कैलाश गुफा, हरि गुफा, मादरकोंटा गुफा मौजूद है. इन स्थानों पर पर्यटकों के सुविधा के लिए होम स्टे भी है. मानसून में गुफाओं में पानी भर जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया जाता है. जो अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक बंद ही रहती है.
14.दंतेश्वरी मंदिर – मां दंतेश्वरी को समर्पित यह मंदिर दंतेवाड़ा जिले के जगदलपुर शहर से 84 किलोमीटर दूर है. इस मंदिर को बस्तर के राजाओं ने बनवाया था और यह भारत के 52 शक्तिपीठों में से एक है. छत्तीसगढ़ के लोगों के अनुसार यहां वह देवी है जो यहां के लोगों की शांति, शक्ति और स्वास्थ्य का पालन करती हैं.
15.धमतरी CG Tourism – धमतरी छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण पर्यटन नगर है, जिसे मंदिरों के लिए भी जाना जाता है. शहर की जनसंख्या लगभग 82,000 है. हर साल हजारों पर्यटक यहां आकर दर्शन के लिए आते हैं. धमतरी महानदी और इसके सहायक नदियों पैरी, सेंडूर, सोंदूर, ज़ोन, खारुन और शिवनाथ के किनारे स्थित है.
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16.मंडकु द्वीप CG Tourism: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिवनाथ के मौन नदी के पास स्थित एक सुंदर मेंढ़क की आकृति का द्वीप है जिले मंडकु द्वीप कहते हैं। इस द्वीप की सुंदरता मंत्रमुग्ध करने वाली क्योंकि यह सुरम्य मडकू द्वीप करीब 24 हेक्टेयर में फैला हुआ है जहां भरपूर हरियाली है। यह द्वीप प्राचीन मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। मडकु द्वीप को केदार तीर्थ और हरिहरक्षेत्र केदार दवेप के नाम से भी जाना जाता है।
17.इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान : इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा जिले में स्थित है। यह दुर्लभ जंगली भैंसे की अंतिम आबादी वाली जगहों में से एक है। इसका कुल क्षेत्रफल 2799.08 वर्ग किलोमीटर है। यह राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र ‘टाइगर रिजर्व’ है। इंद्रावती नदी के किनारे बसे होने के कारण इसका नाम इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान है। इंद्रावती को 1981 में ‘राष्ट्रीय उद्यान’ का दर्जा प्राप्त हुआ और 1983 में भारत की प्रसिद्ध ‘प्रोजेक्ट टाइगर नामक योजना’ के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यहा प्रमुख रूप से जंगली भैंसे, बारहसिंगा, बाघ, चीते, नीलगाय, सांभर, जंगली कुत्ते, जंगली सूअर, उड़ने वाली गिलहरियां, साही, बंदर और लंगूर आदि अन्य अनेक जीव-जंतु पाए जाते हैं।
18.भोरमदेव मंदिर (Bhoramdeo Temple) – भोरमदेव मंदिर बिल्कुल कोणार्क के सूर्य मंदिर से मिलता जुलता है। इसका निर्माण 7वीं से 12वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। इसे छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर से भी मिलता जुलता है। यह इस क्षेत्र के चार प्राचीन मंदिरों – मड़वा महल, इस्तालिक मंदिर, चेरकी महल और भोरमदेव मंदिर में से मुख्य मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। वास्तुकला की उत्कृष्ट नागर शैली और जटिल नक्काशीदार छवियां कला का एक शानदार नमूना हैं।
19.मल्हार (Malhar) CG Tourism – मल्हार छत्तीसगढ़ का सबसे ऐतिहासिक शहर है और पर्यटकों के बीच पुरातात्विक महत्व रखता है। इसकी उत्कृष्ट और प्राचीन मूर्तियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इस शहर को ‘प्राचीन स्मारक, पुरातत्व स्थल और राष्ट्रीय महत्व के अवशेष’ सूची में स्थान दिलाया है, जिसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा बनाए रखा जाता है। मल्हार में पाए गए कुछ अवशेष 1000 शताब्दी ईसा पूर्व के हैं और इन्हें कल्चुरी शासन काल का माना जाता है।
20.संजय नेशनल पार्क (Sanjay National Park) – संजय नेशनल पार्क को गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है, यह 1440.71 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ एक सुंदर संरक्षित अभ्यारण्य है। यह पार्क क्षेत्र के अद्वितीय राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है और छत्तीसगढ़ राज्य की यात्रा करते समय इसे अवश्य देखना चाहिए। यह छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित है।
यह जगह भी पर्यटकों को लुभाती है
CG Tourism बोइरपड़ाव स्थित नेचर कैंप में वैसे तो कई स्थान देखने लायक हैं लेकिन कछुआ डबरा पानी जलप्रपात सबसे आकर्षक है। प्राकृतिक झरना व कुंड के साथ-साथ माझी, कुडरी, डुग्गु जैसे दर्शनीय स्थल भी हैं। हालांकि पहले इस पिकनिक स्पाट से लोग वाकिफ नहीं थे। लेकिन, अब पर्यटकों के बीच यह पहली पसंद बना हुआ है।
नेचर कैंप शुरू होते ही बढ़ेगी भीड़
CG Tourism वर्ष 2013-14 में तत्कालीन वन अफसरों को जब इसे तैयार करने की जवाबदारी मिली तो उन्हें जगह चिन्हित करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। आखिरकार अफसरों की खोज बिलासपुर वन परिक्षेत्र के खोंदरा सर्किल स्थित बोइरपड़ाव पर आकर समाप्त हुई। यहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ पर्यटकों के घूमने लायक आकर्षक नजारा भी है। यहां आकर पर्यटकों को सुकून भी मिलता है।