Mainpat Best Tourist Place : – छत्तीसगढ़ के शिमला की हसीन वादियों में बिताएं यादगार पल

Mainpat Tourist Place: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट को “छत्तीसगढ़ का शिमला” कहा जाता है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। यहां का मौसम पूरे सालभर सुहावना बना रहता है, जो इसे घूमने के लिए एक आदर्श स्थल बनाता है। हर साल बड़ी संख्या में लोग मैनपाट की खूबसूरती का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं।

Mainpat Tourist Place: प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को करती है आकर्षित

1.मैनपाट

मैनपाट अपनी हरी-भरी वादियों, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को आकर्षित करती है। घने जंगल, झरने और ऊंचे पठार इस स्थान को और भी खास बनाते हैं। ठंडी और ताजगी भरी हवा के साथ-साथ सूर्योदय और सूर्यास्त के मनमोहक दृश्य मैनपाट की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। यही कारण है कि मैनपाट को अक्सर “छत्तीसगढ़ का शिमला” कहा जाता है।स्थान है, जो अपने दलदली भू-गठन के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र पूरी तरह से दलदली है, जहां जमीन पर चलने या कूदने से नीचे की सतह में हल्का कंपन महसूस होता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो जमीन हिल रही हो। यह कंपन आसपास के क्षेत्र में भी महसूस किया जा सकता है, जिससे पर्यटकों को एक रोमांचक अनुभव होता है।

स्थानीय भाषा में “जलजली” का अर्थ ही होता है हिलती हुई ज़मीन। यह स्थल भूगर्भीय दृष्टिकोण से भी खास है और यहां का प्राकृतिक गठन इसे विज्ञान प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनाता है। जलजली में ज़मीन की इस अनोखी प्रतिक्रिया को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जो मैनपाट की रहस्यमयी खूबसूरती को और भी बढ़ा देती है।

Also read – Top best turist place in mainpat मैनपाट में शीर्ष सर्वोत्तम पर्यटन स्थल

2.बौद्ध मंदिर यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक


मैनपाट में स्थित प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। तिब्बत से निर्वासन के बाद कई तिब्बती शरणार्थी मैनपाट में आकर बस गए थे और उन्होंने यहां अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखा। इसी विरासत का प्रतीक है यह सुंदर बौद्ध मंदिर, जिसे रंग-बिरंगे झंडों, शांत वातावरण और तिब्बती स्थापत्य शैली की कलाकृतियों से सजाया गया है।

बौद्ध मंदिर

3.मंदिर परिसर

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही एक अद्भुत शांति और आध्यात्मिकता का अनुभव होता है। यहां regularly तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की जाती है, और पर्यटक भी इस शांति से भरे माहौल का आनंद लेने आते हैं। इसी सांस्कृतिक और धार्मिक उपस्थिति के कारण मैनपाट को “छत्तीसगढ़ का तिब्बत” भी कहा जाता है, जो इसे पर्यटन और अध्यात्म का अनूठा संगम बनाता है।

4.फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहद खास

फिश पॉइंट मैनपाट का एक बेहद आकर्षक और शांत स्थान है, जहां एक प्राकृतिक जलधारा बहती है। इस जलधारा की खासियत यह है कि इसमें रंग-बिरंगी मछलियां तैरती हुई साफ नजर आती हैं। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहद खास है।

5. Tourist Place छतीसगढ़

छतीसगढ़ (Chhattisgarh) में अनेकों टूरिस्ट प्लेस है जहां आप छुट्टियां बिता सकते हैं लेकिन यहां का शिमला कहे जाने वाला मैनपाट (Mainpat) अपने आप में बेहद खास है. यहां का प्राकृतिक सौंदर्य आपका मन मोह लेगा. इसके अलावा ठंड के मौसम में यहां होने वाली बर्फबारी आपको शिमला का एहसास कराएगी. तो अगर आप छतीसगढ़ में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इस जगह को भी जरूर एक्सप्लोर करें. इसलिए हम आपको यहां से जुड़ी कुछ खास जानकारी देने जा रहे हैं. देखिए ये रिपोर्ट

Also read – Top 15 Best Tourist Places in Kashmir

6.टाइगर पॉइंट

टाइगर पॉइंट से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का दृश्य विशेष रूप से मनोहारी होता है। यह स्थान रोमांच, शांति और प्रकृति की सुंदरता का अद्भुत संगम है, जहां पर्यटक घंटों बैठकर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं। टाइगर पॉइंट मैनपाट की ऊँचाई और जैव विविधता का सजीव प्रमाण है।

टाइगर पॉइंट

Mainpat के प्रमुख आकर्षण

  • टाइगर पॉइंट जलप्रपातएक भव्य घाटी में गिरता हुआ, यह मैनपात के सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है। गहरी घाटियों और धुंध भरे जंगलों की पृष्ठभूमि इसे किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर दृश्य प्रदान करती है। सुबह-सुबह और मानसून के बाद के समय में यहाँ आना और भी मनमोहक होता है।
  • उल्टा पानी (रिवर्स वॉटरफॉल)एक प्राकृतिक अजूबा जहाँ पानी गुरुत्वाकर्षण के नियमों को चुनौती देते हुए ऊपर की ओर बहता है। यह महज़ एक दृश्य भ्रम नहीं बल्कि एक आकर्षक भौगोलिक रहस्य है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यह ढलान और वायु प्रवाह के अनूठे संयोजन के कारण होता है – लेकिन पर्यटकों के लिए यह बस एक जादू है।
  • तिब्बत कॉलोनी और मठमैनपात तिब्बती शरणार्थियों का घर है जो 1960 के दशक में यहाँ आए थे। इस बस्ती में कई मठ हैं जहाँ आप प्रार्थना में भाग ले सकते हैं, भिक्षुओं से बातचीत कर सकते हैं और स्थानीय हस्तशिल्प खरीद सकते हैं। यह बस्ती सद्भाव, लचीलेपन और एक गहरी आध्यात्मिक लय को दर्शाती है।
  • फिश पॉइंटयह शांत और सुंदर जगह आराम से पिकनिक मनाने, छोटी नदी में खेलने और पक्षी निहारने के लिए आदर्श है। यहाँ अक्सर भीड़ कम होती है, इसलिए यह उन प्रकृति प्रेमियों के लिए एकदम सही है जो एकांत पसंद करते हैं।

फिश पॉइंट

  • घास के मैदान और पहाड़ियों की चोटियाँमैनपट की हल्की ढलान वाली पहाड़ियाँ विस्तृत घास के मैदानों में खुलती हैं, जिनका रंग मौसम के साथ बदलता रहता है। ये मनोरम क्षेत्र प्रकृति की सैर, छोटी पैदल यात्रा, योग सत्र और फोटोग्राफी के लिए आदर्श हैं।
  • जलजलीयहीं पर प्रकृति का अनोखा नजारा देखने को मिलता है! इस जमीन के टुकड़े पर चलें और आपको अपने पैरों के नीचे धरती हिलती हुई महसूस होगी – यह मिट्टी के नीचे हवा की जेबों के कारण होने वाली एक दुर्लभ घटना है।
  • मेहता पॉइंटफोटोग्राफरों के बीच मशहूर, यह पहाड़ी पर स्थित व्यू पॉइंट वन से ढकी ढलानों और दूर स्थित पहाड़ियों के मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। यहाँ का सूर्यास्त विशेष रूप से मनमोहक होता है।

Also read – छत्तीसगढ़ में 20 सर्वश्रेष्ठ जगह गर्मी में घूमने के लिए

  • थिंथिनी पत्थरइस रहस्यमयी चट्टान पर किसी दूसरे पत्थर से प्रहार करने पर घंटी जैसी ध्वनि उत्पन्न होती है। वैज्ञानिक जांच-पड़ताल के बावजूद, इसकी खोखली ध्वनि का रहस्य काफी हद तक अनसुलझा ही है, जो इसके आकर्षण को और भी बढ़ा देता है।
  • आमगांव जलप्रपातघने जंगलों से घिरी घाटियों के बीच छिपा हुआ आमगांव एक मौसमी लेकिन बेहद खूबसूरत झरना है, जो मानसून के दौरान और उसके बाद विशेष रूप से सक्रिय रहता है। यहां तक ​​पहुंचने का ट्रेक भी उतना ही आनंददायक है।
  • राजपुरी जलप्रपातएक और कम व्यावसायिक लेकिन उतना ही मनमोहक झरना। इसका शांत कुंड और धीमी धारा इसे पारिवारिक पिकनिक के लिए आदर्श बनाती है। शांति और एकांत पसंद करने वालों के लिए यह मेनपाट के सबसे बेहतरीन दर्शनीय स्थलों में से एक है।

मैनपाट घूमने का सबसे अच्छा समय

मैनपात घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है। सर्दियों में ठंडी हवाएं चलती हैं, सुबह धुंध छाई रहती है और नज़ारे बेहद खूबसूरत होते हैं। आसमान साफ ​​रहता है और तारों को निहारने और प्राकृतिक दृश्यों की फोटोग्राफी के लिए आदर्श है।

  • अक्टूबर से दिसंबर: मानसून के बाद की ताजगी, खिलते फूल और साफ नजारे।
  • जनवरी से फरवरी: अलाव जलाने, सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा करने और झरनों की सैर करने के लिए आदर्श समय।
  • मार्च से जून: मौसम थोड़ा गर्म रहता है लेकिन फिर भी सहनीय होता है; पारिवारिक यात्राओं और आध्यात्मिक भ्रमण के लिए बेहतरीन समय।
  • मानसून (जुलाई-सितंबर): सावधानी से यात्रा करें – हालांकि दृश्य हरे-भरे होते हैं, सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
मैनपाट में करने लायक चीज़ें
  • प्रकृति फोटोग्राफी: मनमोहक आकाश, अछूते जंगल और अलौकिक झरने मैनपाट को फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग बनाते हैं।
  • कैम्पिंग: कई टूर ऑपरेटर पहाड़ियों के पास या नदियों के किनारे कैम्पिंग के विकल्प प्रदान करते हैं।
  • आकाश निहारना: रात का आकाश बेहद खूबसूरत होता है – अपना टेलीस्कोप साथ ले जाएं या बस लेटकर इसका आनंद लें।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान: तिब्बती बस्तियाँ भारत में बौद्ध धर्म, तिब्बती अनुष्ठानों और शरणार्थी जीवन की जानकारी प्रदान करती हैं।
  • स्थानीय भोजन का स्वाद चखें: तिब्बती बटर टी, छत्तीसगढ़ी पोहा और हाथ से बने मोमोज का स्वाद जरूर लें।
  • एटीवी की सवारी और जंगल में पैदल यात्रा: फिश पॉइंट के पास के कुछ क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों पर ऑफ-रोड बाइकिंग और निर्देशित प्रकृति पथों की अनुमति है।

Also read – Top 10 Turist place in India भारत के सबसे सुंदर 10 पर्यटन स्थल

ऐसे पहुंचे मैनपाट की वादियों में

मैनपाट अंबिकापुर/सरगुजा से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसलिए आप मैनपाट अंबिकापुर-सीतापुर रोड़ से होकर और ग्राम दरिमा होते हुए भी जा सकते हो. इसके अलावा आप अगर दरिमा एयरपोर्ट होकर मैनपाट जाते हैं तो रास्ते में पहाड़ों के सुंदर नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन व चारपहिया के साथ कई लक्जरी बसों से 350 किलोमीटर की यात्रा तय कर अंबिकापुर शहर तक पहुंच सकते हैं। अंबिकापुर शहर से मैनपाट 40 किलोमीटर दूरी पर है। मैनपाट की सुरम्य वादियों में सड़क मार्ग से रोमांचकारी व नयनाभिराम दृश्य का आंनद लेते हुए मैनपाट पहुंचा जा सकता है।

मैनपाट के ये स्थल करते हैं रोमांचित

मैनपाट पहुंचने के बाद 22 से 25 किलोमीटर की दूरी पर कई पर्यटन स्थलों तक पहुंचा जा सकता है। सभी स्थलों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कें हैं। यहां के टाइगर प्वाइंट, फिश प्वाइंट, दलदली, उल्टा पानी, परपटिया, तिब्बती मठ मंदिर, तिब्बती कैंप, मेहता प्वाइंट, टांगीनाथ का मंदिर प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं।

मैनपाट में रुकने के लिए शासकीय मोटल और निजी कई होटल

शासकीय मोटल व निजी होटलों में रुकने की व्यवस्था मैनपाट में रुकने के लिए शासकीय मोटल और निजी कई होटल हैं। शासकीय मोटल के साथ ही शैला रिसॉर्ट में बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए रुकने की व्यवस्था है।

यहां सेंटर प्वाइंट, अनमोल, होटल पितांबरा, देव हेरिटेज, अराइज स्काई गार्डेन, हर्ष मेहुल गेस्ट हाउस, कर्मा रिसॉर्ट, यादव रिसोर्ट सहित खुले मैदान में बनाए गए तंबू में रात गुजार सकते हैं।

Leave a Comment