छत्तीसगढ़ स्थित राज्य का एक प्रसिद्ध स्थल है, जिसे राज्य का ‘टेंपल टाउन’ भी कहा जाता है। यह सरजुगा जिले में स्थित है, और सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से काफी ज्यादा मायने रखता है। इस नगर का नाम देवी अंबिका से लिया गया है, जिनकी पूजा यहा बड़े स्तर पर की जाती है। अपने इन महत्व के बल पर अंबिकापुर विश्व भर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां आम पर्यटन स्थलों के अलावा कुछ ऐसे भी स्थल मजौद हैं, जिनका इतिहास कई वर्षों पुराना है।
धार्मिक स्थलों के अलावा यहां कुछ रहस्य से भरी जगहें भी हैं। राज्य का यह जिला परिवहन साधनों के द्वारा देश के बड़े शहरों से अच्छी तरह जुडा हुआ है। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज से अंबिकापुर आपको किस प्रकार आनंदित करत सकता है, जानिए यहां के चुनिंदा शानदार स्थलों के बारे में।
अंबिकापुर का अर्थ (व्युत्पत्ति और इतिहास):
अंबिकापुर का अर्थ है “अंबिका का नगर” या “देवी अंबिका”। यह नाम हिंदू देवी दुर्गा के नाम “अंबिका” से लिया गया है, जिनकी इस क्षेत्र में व्यापक रूप से पूजा की जाती है। प्रत्यय “पुर” भारतीय स्थानों के नामों में आम है, जिसका अर्थ “नगर” या “कस्बा” होता है। इसलिए, अंबिकापुर का अर्थ “देवी अंबिका का नगर” हो सकता है।
अंबिकापुर भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा जिले का एक महत्वपूर्ण शहर है। ऐतिहासिक रूप से, यह क्षेत्र प्राचीन कलिंग साम्राज्य का हिस्सा था और बाद में विभिन्न राजवंशों द्वारा शासित रहा। यह अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसमें आसपास के झरने और गुफाएं शामिल हैं। यह शहर आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में कार्य करता है। अंबिकापुर उत्तरी छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और वन्यजीव अभयारण्यों का प्रवेश द्वार भी है।
तातापानी
अंबिकापुर भ्रमण की शुरुआत आप यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, तातापानी से कर सकते है। यह एक गर्म पानी का कुंड है, जो जिले के पूर्वी भाग में स्थित है। यह कुंड साल भर खौलता रहता है, और यही वजह से यहां रोजाना, पर्यटकों का अच्छा खासा मजमा लगता है। माना जाता है कि इस कुंड के पानी में औषधीय गुण हैं, जो त्वचा संबधी रोगों के निवारण के लिए काफी कारगर माना जाता है। इस कुंड का पानी इतना गर्म होता कि अगर आप चावल को किसी कपड़े में बांधकर अंदर डालें, तो चावल थोड़ी ही देर में पक जाते हैं। इतनी विशेषताओं के कारण यह स्थल यहां के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों में गिना जाता है।
महामाया मंदिर
अंबिकापुर को टेंपल टाउन कहा जाता है, आप यहां कई प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। महामाया मंदिर सती के 52 शक्तिपीठों में से एक है, इसलिए यहां रोजाना श्रद्धालुओं का अच्छा खासा जमावड़ लगता है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 1050 ईस्वी में हुआ था। मंदिर की वास्तुकला देखने लायक है, जो आगुंतकों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है।
मां दुर्गा यहां की मुख्य देवी हैं, जिनका आशीर्वाद पाने के भक्त दूर-दूर से आते हैं। खासकर नवरात्रि के दिनों यहां यहां ज्यादा श्रद्धालुओं का आगमन होता है, इस दौरान मंदिर में विशेष आयोजन किए जाते हैं।
ऑक्सीजन पार्क
अंबिकापुर के हसीन वनों के बीच में मौजूद ऑक्सीजन पार्क भी घूमने के लिए एक प्रमुख स्थान है। यह खूबसूरत पार्क पहाड़ी की चोटी पर मौजूद है, इसलिए यहां सैलानी भी भारी संख्या में घूमने के लिए पहुंचते हैं।
ऑक्सीजन पार्क खूबसूरत दृश्यों के लिए जाना जाता है, क्योंकि यहां से चारों तरफ छोटे-बड़े पहाड़ और हरियाली दिखाई देता हैं। पार्क में मौजूद हजारों किस्म के फूलों को देखकर सैलानियों का मन भी तृप्त हो सकता है। आपको बता दें कि मानसून में इस जगह की खूबसूरती चरम पर होती है।

रामगढ़ और सीताबेंगरा
इन सब स्थलों के अलावा आप यहां के रामगढ़ सीताबेंगरा स्थल की ओर प्रस्थान कर सकते हैं। रामगढ़ सीताबेंगरा, अंबिकापुर के वो महत्वपूर्ण स्थल हैं, जो पौराणिक मह्त्व रखते हैं। माना जाता है कि वनवास के दौरान भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता के साथ यहां कुछ समय बिताया था।
सीता बेगरा को सीता के पैतृक निवास के तौर पर चिह्नित किया जाता है। हांलिक इन किवदंतियों में कितनी सच्चाई है, इसका कोई सटीक जवाब नहीं मिलता। रामगढ़ और सीता बेंगरा एक दूसरे से कुछ कि.मी के फासले पर स्थित हैं।
थिनथिनी पत्थर
अंबिकापुर के पर्यटन स्थलों की श्रृंखला में आप थिनथिनी पत्थर स्थल की सैर कर सकते हैं। यह स्थल रामगढ़ और सीता बेंगरा से आसानी से पहुंच सकते हैं। थिनथिनी एक बड़े आकार का रहस्यमयी पत्थर है, जिसपर किसी छोट पत्थर से चोट करने पर, ध्वनी गूंजती हुई सुनाई पड़ती है। स्थानीय लोगों को मानना है कि इस पत्थर में दैवीय शक्ति है। यह वजह है कि यहां रोजाना पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। यहां आने वाले आगंतुक पत्थर पर चोट कर ध्वनी को गुंजन को सुनते हैं।
जोगीमारा गुफा
उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां अन्य लोकप्रिय स्थल, जोगीमारा गुफा की सैर का प्लान बना सकते हैं। ये गुफाएं मुख्य शहर से लगभग 40 कि.मी की दूरी पर पहाड़ों में स्थित हैं। माना जाता है कि गुफाएं 300 ईसा पूर्व से संबंध रखती हैं। गुफाओं की दीवारों पर आप प्राचीन चित्रकारी और कलाकृतियां देख सकते हैं। यहां फूल, पंक्षी, इंसानों और जानवरों के चित्र बने हुए हैं। यहां से कुछ शिलालेख भी प्राप्त किए गए हैं, जिनसे पता चला कि ये विश्व के पहले प्रेम संदेश हो सकते हैं।

अंबिकापुर घूमने का सबसे अच्छा समय
क्या आप अंबिकापुर की यात्रा की योजना बनाते समय पर्यटकों की भीड़ या बंद होने के समय को लेकर चिंतित हैं? अंबिकापुर घूमने का सबसे अच्छा समय वह है जब आप पूरी तरह से इस अनुभव का आनंद ले सकें और ऐसी परेशानियों से मुक्त रहें। इस समय अंबिकापुर का मौसम अनुकूल रहता है और यहाँ कई तरह की गतिविधियाँ भी उपलब्ध होती हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि अंबिकापुर कब जाएँ, तो अंबिकापुर घूमने के सबसे अच्छे समय पर जाएँ, जहाँ आप छोटी-मोटी समस्याओं की चिंता किए बिना एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
जनवरी-मार्च में अंबिकापुर का मौसम : इन महीनों में तापमान 43°C से 104°C के बीच रहता है, इसलिए अंबिकापुर घूमने के लिए ये महीने सबसे अच्छे माने जाते हैं। यह मौसम अंबिकापुर के सभी दर्शनीय स्थलों को देखने-समझने के लिए आदर्श है। औसत वर्षा 4.88 मिमी रहने की उम्मीद है।
अंबिकापुर में अप्रैल का मौसम : हालांकि शुष्क हवा के कारण आपको मॉइस्चराइजर की अधिक आवश्यकता महसूस हो सकती है, लेकिन तापमान यात्रा के लिए बिल्कुल अनुकूल रहता है। औसत तापमान 87°F है । महीने का अधिकतम तापमान 106°F है और न्यूनतम तापमान केवल 63°F है । अंबिकापुर घूमने का यह एक शानदार समय है और साथ ही पर्यटन का पीक सीजन भी है। इस दौरान औसत वर्षा 4.51 मिमी दर्ज की गई है।
अंबिकापुर में मई का मौसम : इस महीने में अंबिकापुर में भरपूर धूप खिलती है और औसत तापमान 90 डिग्री सेल्सियस रहता है । हवा शुष्क रहती है और आप आसानी से बाहर घूमने जा सकते हैं। अधिकतम तापमान 109 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 68 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है । इस दौरान औसत वर्षा 0.42 मिमी दर्ज की गई है।
जून में अंबिकापुर का मौसम : तापमान सुहावना तो नहीं होता, लेकिन उचित आर्द्रता इसे घूमने-फिरने के लिए थोड़ा अनुकूल बना देती है। जून के महीने में आर्द्रता का स्तर औसत रहता है, जबकि औसत तापमान 87℉ है । अधिकतम तापमान 109℉ दर्ज किया गया है । इस दौरान औसत वर्षा 6.36 मिमी होती है।
जुलाई-सितंबर में अंबिकापुर का मौसम : अंबिकापुर में घूमने का यह सुखद समय होता है। तापमान 70°F से 91°F के बीच रहता है , औसत तापमान 78°F होता है। हालांकि मौसम में नमी रहती है, लेकिन इतनी गर्मी नहीं होती कि बाहर घूमना असहज लगे! कुल मिलाकर, यह घूमने का अच्छा समय है! इस दौरान औसत वर्षा 118.1 मिमी दर्ज की जाती है।
अंबिकापुर यात्रा गाइड
यह खंड अंबिकापुर के लिए एक यात्रा मार्गदर्शिका प्रस्तुत करता है, जिसमें घूमने-फिरने की जगहों के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें आवश्यक सुझाव, पर्यटक स्थल और अस्पताल, पुलिस स्टेशन और स्कूल जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं।
भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी भाग में स्थित अंबिकापुर, अपनी समृद्ध आदिवासी विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र घुमावदार पहाड़ियों, घने जंगलों और अनेक झरनों से घिरा हुआ है, जो इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान बनाता है। यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय सवाना है, जिसमें गर्मियाँ गर्म होती हैं, जून से अक्टूबर तक मानसून की बारिश होती है और नवंबर से फरवरी तक सुहावनी और हल्की सर्दियाँ रहती हैं। अंबिकापुर तक और इसके भीतर परिवहन मुख्य रूप से सड़क मार्ग से होता है, और नियमित बस सेवाएं इसे छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों से जोड़ती हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन बिश्रामपुर में है, जो थोड़ी ही दूरी पर स्थित है, और निकटतम हवाई अड्डा राज्य की राजधानी रायपुर में स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा है। ठहरने के विकल्पों में बजट के अनुकूल गेस्टहाउस से लेकर मध्यम श्रेणी के होटल तक शामिल हैं, जो विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। स्थानीय आकर्षणों में आदिवासी कलाकृतियों का प्रदर्शन करने वाला केंद्रीय संग्रहालय और विविध वनस्पतियों और जीवों का घर, सुरम्य तामोर पिंगला वन्यजीव अभ्यारण्य शामिल हैं। यहाँ के भोजन में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन शामिल हैं, जिनमें चावल और स्थानीय सब्जियों पर विशेष जोर दिया जाता है।
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