पटना:आने वाला नया साल 2026 लोगों के लिए एक नई आशा, नई उम्मीदें नए सपने लेकर आ रहा है. ऐसे में हर कोई बेसब्री से नए साल के स्वागत और न्यू ईयर की प्लानिंग करने में लगा है. नए साल में गोवा पर्यटकों से फुल रहता है, लेकिन अगर आप बिहार में ही न्यू ईयर मनाना चाहते हैं तो कई रोचक जगह हैं. उनमें से एक मिनी गोवा भी है.
‘मिनी गोवा’ अमवामन झील: पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया के अमवामन झील में गोवा से अधिक मजा आता है. गोवा के तर्ज पर अमवामन में बिहार का पहला वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स जोन है, जहां पैरासेलिंग के साथ क्याक, जेट स्की मोटर बोट, जार्बिंग बाल जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ उठा सकते हैं.
पटना किस लिए प्रसिद्ध है?
भारत में बिहार की राजधानी पटना अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक महत्व से लेकर शिक्षा, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में योगदान तक कई कारणों से प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण इस शहर ने सदियों से भारतीय उपमहाद्वीप को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। पटना को प्रसिद्ध बनाने वाले कुछ प्रमुख पहलू निम्नलिखित हैं:
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- ऐतिहासिक महत्व: पटना का इतिहास प्राचीन काल से ही समृद्ध है। इसे पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था और यह मौर्य, गुप्त और पाल साम्राज्यों सहित कई शक्तिशाली राजवंशों की राजधानी रहा है। इस शहर ने विभिन्न राजवंशों के उत्थान और पतन को देखा है, जिससे एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत अस्तित्व में आई है।
- बौद्ध धर्म: पटना का भगवान बुद्ध के जीवन से गहरा संबंध है। ऐसा माना जाता है कि यहीं उन्होंने बोधगया में निर्वाण प्राप्त करने से पहले अपना अंतिम उपदेश दिया था। प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर, जो बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है, दुनिया भर से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है।
- गंगा नदी: पवित्र गंगा नदी पटना से होकर बहती है, जिससे यह हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बन जाता है। श्रद्धालु पवित्र जल में स्नान करने और घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान करने आते हैं।
- शैक्षणिक संस्थान: पटना शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में लंबे समय से प्रसिद्ध है। 1917 में स्थापित प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय भारत के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है। शहर में कई नामी स्कूल और कॉलेज भी हैं।
- साहित्य और संस्कृति: पटना साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसने कई प्रख्यात लेखकों, कवियों और विद्वानों को जन्म दिया है जिन्होंने भारतीय साहित्य और संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- राजनीतिक महत्व: पटना भारत में राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इस शहर से कई प्रमुख राजनीतिक नेता उभरे हैं, जिन्होंने देश के राजनीतिक परिदृश्य को आकार दिया है।
- त्यौहार और मेले: शहर में विभिन्न त्यौहार उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं, जिनमें छठ पूजा भी शामिल है, जो सूर्य देवता की पूजा को समर्पित एक महत्वपूर्ण आयोजन है। सोनपुर पशु मेला, जो एशिया के सबसे बड़े मेलों में से एक है, पटना के पास आयोजित होता है और दूर-दूर से पर्यटकों को आकर्षित करता है।
- पटना संग्रहालय: 1917 में स्थापित पटना संग्रहालय में कलाकृतियों, मूर्तियों और ऐतिहासिक वस्तुओं का एक प्रभावशाली संग्रह है, जो इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
- गांधी मैदान: यह ऐतिहासिक मैदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है, जिनमें महात्मा गांधी और अन्य नेताओं के भाषण शामिल हैं।
- हस्तशिल्प और व्यंजन: पटना अपने पारंपरिक हस्तशिल्पों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें मधुबनी चित्रकला और सिक्की शिल्पकला शामिल हैं। यहाँ का स्थानीय व्यंजन बिहारी व्यंजनों की एक मनमोहक श्रृंखला प्रस्तुत करता है, जो शहर पर पड़े विविध सांस्कृतिक प्रभावों को दर्शाता है।
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पटना में घूमने लायक जगहों की सूची
पटना में घूमने लायक कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं:
1.महात्मा गांधी सेतु : यह विश्व के सबसे लंबे नदी पुलों में से एक है, जो गंगा नदी पर बना है और पटना को हाजीपुर से जोड़ता है। पुल से नदी और आसपास के क्षेत्रों के मनमोहक दृश्य दिखाई देते हैं।
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2.पटना संग्रहालय : बिहार संग्रहालय के नाम से भी जाना जाने वाला यह संग्रहालय, क्षेत्र के इतिहास और विरासत को प्रदर्शित करने वाली मूर्तियों, सिक्कों, चित्रों और अन्य कलाकृतियों और प्राचीन वस्तुओं का विशाल संग्रह रखता है।
3.गोलघर : अंग्रेजों द्वारा 18वीं शताब्दी में निर्मित, गोलघर गंगा नदी के किनारे स्थित एक विशाल अन्न भंडार है। इसके शिखर से शहर और नदी का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।
4.तख्त श्री पटना साहिब : यह सिखों के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है, क्योंकि यह दसवें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह की जन्मभूमि है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
5.पटना तारामंडल : इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर के नाम से भी जाना जाने वाला यह एशिया के सबसे बड़े तारामंडलों में से एक है। यह खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान पर जानकारीपूर्ण शो प्रस्तुत करता है।
पटना तारामंडल
6.कुम्हरार : ये प्राचीन पुरातात्विक अवशेष हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि ये मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र के अवशेष हैं। पर्यटक उत्खनित स्थलों का भ्रमण कर शहर के प्राचीन इतिहास के बारे में जान सकते हैं।
7.अगम कुआं : “अथाह कुआं” के रूप में अनुवादित, अगम कुआं एक प्राचीन कुआं है जिसके बारे में माना जाता है कि यह मौर्य काल का है। यह पौराणिक कथाओं से घिरा हुआ है और स्थानीय लोगों द्वारा इसे पवित्र माना जाता है।
8.पादरी की हवेली : 18वीं शताब्दी में डचों द्वारा निर्मित, औपनिवेशिक काल की यह हवेली बिहार के सबसे पुराने गिरजाघरों में से एक है। इसमें प्रभावशाली वास्तुकला और सुंदर रंगीन कांच की खिड़कियां हैं।
9.श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र : यह विज्ञान संग्रहालय विभिन्न वैज्ञानिक घटनाओं पर आधारित अंतःक्रियात्मक प्रदर्शनियाँ और प्रस्तुतियाँ प्रदान करता है, जिससे यह सभी उम्र के आगंतुकों के लिए एक शैक्षिक और मनोरंजक स्थल बन जाता है।
10.फंटासिया वाटर पार्क : परिवारों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए बिल्कुल सही, यह वाटर पार्क कई तरह की वाटर राइड्स, स्लाइड्स और पूल प्रदान करता है, जो शहर की गर्मी से राहत पाने का एक ताज़ा तरीका है।
Tourist Places in Patna
1.जेट स्की मोटर बोट की भी सुविधा
पटना का मरीन ड्राइव: पटना के मरीन ड्राइव में गोवा जैसा मजा आएगा. यहां एयर एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा लोग ले सकते हैं. पटना के मरीन ड्राइव पर पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हुई है, जो नए साल में आकर्षण का केंद्र है. साथ ही गंगा के किनारे पहुंचकर मिनी गोवा जैसा नजारा देखने को मिलता है.
कई वाटर स्पोर्टस: पटना का मरीन ड्राइव नए साल में मेले जैसा नजारा देखने को मिलता है. इसी कड़ी में मरीन ड्राइव पर बिहार के पहले पैराग्लाइडिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है. पर्यटक इसके जरिए आकाश से गंगा की लहरों को देख सकेंगे.
2. लक्ष्मण झूला
देश का दूसरा लक्ष्मण झूला: तकरीबन 82.93 करोड़ रुपये की लागत से 320 मीटर लंबे केबल सस्पेंशन ब्रिज के जैसा लक्ष्मण झूला बनाया गया है और यह बिहारवासियों को एक बड़ी सौगात के रूप में दी गई थी. यह देश का दूसरा लक्ष्मण झूला है, जिसे देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में शाम के वक्त में लोगों की भीड़ उमड़ती है.
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3.अमवामन झील
बोधगया टेंपल:शोरगुल से दूर अगर आप शांति के वातावरण में नए साल का स्वागत करना चाहते हैं तो बोधगया डेस्टिनेशन बेस्ट हो सकता है. दूर-दूर से न्यू ईयर में लोग यहां पहुंच रहे हैं. नए साल से पहले बोधगया में भीड़ इतनी बढ़ गई है कि प्रशासन को ट्रैफिक प्लान जारी करना पड़ गया है. नए साल पर 1.5 लाख से 2 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है.
बोधगया में कहां घूमे?:स्थानीय व्यक्ति राजेश कुमार कहते हैं कि बोधगया में सिर्फ पिकनिक मनाने के लिए ही युवा छात्र छात्राएं नहीं पहुंच रहे हैं, बल्कि वो शांति ध्यान और आध्यात्मिक जीवन जीने को लेकर भी भगवान बुद्ध को समझने पहुंच रहे है. बोधगया में वैसे मंदिर दर्शन के अलावा हाल के कुछ सालों पहले बने पर्यटक स्थल भी इन युवाओं के लिए काफी आकर्षण का केंद्र है, इसमें साइंस सिटी, कन्वेंशन सेंटर, तितली पार्क, माया सरोवर, चिल्ड्रन पार्क आदि खूबसूरत जगहें हैं.
अमवामन झील
4.अमवामन झील में कई सारे वाटर स्पोर्ट्स एडवेंचर
“नये साल पर लक्ष्मण झूला एक नई सौगात है. बिहारवासियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश का दूसरा लक्ष्मण झूला समर्पित कर दिया है. न्यू ईयर में यहां सेलिब्रेशन की खास तैयारी है. उम्मीद है लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ेगी.”- सदगुरु प्रसाद, समाजसेवी पुनपुन
“न्यू ईयर जश्न को लेकर पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है. सभी चौक चौराहे पर पुलिस की गश्त रहेगी. सभी होटल ढाबा में कल रात से जांच की जा रही है. खासकर लक्ष्मण झूला हम सबों के लिए प्रायोरिटी होगी क्योंकि वहां ज्यादा भीड़ उमड़ती हैं. बाइकर्स के लिए भी हम लोगों ने शख्स हिदायत दी है.”-बेबी कुमारी, थानाध्यक्ष, पुनपुन
5.मंदार पर्वत – खूब विदेशी आते हैं यहां:बिहार के अनेक ऐसे स्थल हैं जो विदेशी सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है. बोधगया का बोधी मंदिर, नालंदा विश्वविद्यालय और उसका पुराना अवशेष राजगीर के अनेक पर्यटन स्थल, पटना साहिब का तख्त श्री हरमंदिर साहब, शेरशाह सूरी का मकबरा, ककोलत फॉल (नवादा) जैसी जगहों पर विदेशी पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है.
6.वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व:- नए साल में बगहा के वीटीआर में जमकर भीड़ हो रही है.जंगल सफारी रोपवे और अन्य आकर्षित स्थलों पर पर्यटक पहुंच रहे हैं. यहां ग्लास ब्रिज अगले तीन दिनों के लिए पूरी तरह से फुल है.
7.ऐतिहासिक स्थल: – वैशाली स्तूप, कैमूर की पहाड़ियां और बांका के मंदार पर्वत जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर भी हजारों लोग पहुंच रहे हैं. इस सभी स्थानों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं.
8. पैरासेलिंग
पुनपुन नदी पर बना लक्ष्मण झूला:इस बार बिहार का पहला उत्तराखंड के ऋषिकेश के तर्ज पर बना लक्ष्मण झूला पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बना हुआ है. पुनपुन घाट पर पुनपुन नदी के ऊपर लक्ष्मण झूला को देख कोई भी रोमांचित हो जाए. 5 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका उद्घाटन किया था.
9.बोधगया टेंपल
“भगवान बुद्ध के चरणों में आकर साल 2025 को अलविदा कहा है और नए साल को लेकर मनोकामना की है. साल 2026 सुख शांति खुशहाली लेकर आए. यहां बोधगया में नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग इस लिए भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं , क्योंकि लोगों को वर्तमान समय की भागदौड़ वाली जिंदगी में शांति की कमी है.”
भोजपुर का ‘जुहू चौपाटी’: पिकनिक और सैर-सपाटे के शौकीन पर्यटक इस बार भोजपुर जिले के कोईलवर स्थित सोन नदी तट को अपनी मंजिल बना रहे हैं. प्राकृतिक सौंदर्य, खुला वातावरण और सुगम यातायात व्यवस्था के कारण यह स्थल नए साल पर घूमने-फिरने के लिए सबसे आकर्षक जगह के रूप में उभर रहा है. स्थानीय लोग इसे प्यार से भोजपुर का ‘जुहू चौपाटी’ भी कहते हैं.
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“इस बार नए साल पर पर्यटकों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है. हर साल भोजपुर जिले के अलावा पटना से भी बड़ी संख्या में लोग नया साल मनाने कोईलवर सोन तट पर पहुंचते हैं. कुछ लोग जहां अपने घर से लाए सामान से नदी किनारे ही लिट्टी-चोखा, खीर, मालपुआ जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाकर परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक का आनंद लेते हैं तो कुछ लोग यही सोन नदी के किनारे गैस के चूल्हे पर खाना बनाकर अपने परिजनों के साथ इन्जॉय करते हैं.”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1.मुझे पटना से क्या खरीदना चाहिए?
हाथ से बनी वस्तुएं, दीवार पर लटकने वाली वस्तुएं, मधुबनी पेंटिंग, चमड़े की वस्तुएं और मोतियों से बने आभूषण कुछ स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुएं हैं जिन्हें आप उपहार और स्मृति चिन्ह के रूप में खरीद सकते हैं।
2.रांची या पटना में से कौन सा शहर बेहतर है?
प्रत्येक शहर का अपना आकर्षण होता है। लेकिन अगर आप दर्शनीय स्थलों की यात्रा पर विचार करते हैं, तो पटना में रांची की तुलना में अधिक पर्यटक आकर्षण हैं।
3.बिहार में कौन सी भाषा का उपयोग किया जाता है?
बिहार में हिंदी व्यापक रूप से बोली जाती है, हालाँकि, राज्य में पाँच बोलियाँ उपयोग की जाती हैं। ये हैं भोजपुरी, मैथिली, मगही, वज्जिका और अंगिका।
4.मैं पटना में अपना दिन कैसे बिता सकता हूं?
आप पटना में इसके प्रमुख आकर्षणों को देखते हुए एक मज़ेदार दिन बिता सकते हैं। पटना और उसके आसपास घूमने के लिए कुछ बेहतरीन स्थानों में श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, बिहार संग्रहालय, पटना तारामंडल, पटना संग्रहालय, जापानी शांति पैगोडा, छोटी दरगाह, संजय गांधी बॉटनिकल गार्डन, लौरिया नंदनगढ़, गांधी घाटगोलघर, पाटन देवी मंदिर, कुम्हरार, गांधी संग्रहालय, महावीर मंदिर, सीतामढी, जालान संग्रहालय, गांधी मैदान, इको पार्क, इस्कॉन मंदिर और कोल्हुआ कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।