Dalha Pahad janjgir champa : Explore Nag Panchami Mela Chhattisgarh

Dalha Pahad, जिसे स्थानीय रूप से दल्हा पहाड़ या दल्हागिरि पहाड़ के नाम से भी जाना जाता है, छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र का एक प्रसिद्ध धार्मिक और प्राकृतिक स्थल है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी Dalha Pahad को जिले के Tourist Place के रूप में शामिल किया गया है।

Dalha Pahad अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, trekking route और धार्मिक आस्था के कारण खास पहचान रखता है। खासकर नाग पंचमी के अवसर पर यहां लगने वाला मेला श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। छत्तीसगढ़ सरकार के जनवरी–फरवरी 2026 के जनमन प्रकाशन में भी दलहा पहाड़ को लगभग 700 मीटर ऊंचा और करीब 4 किलोमीटर की steep climb वाला स्थल बताया गया है।

जांजगीर चांपा जिले में अकलतरा के पास में दलहा पहाड़ अगर आप एडवेंचर पसंद करते हैं और कुछ हटकर एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो ये ट्रिप आपके लिए बहुत खास होगी दलहा पहाड़ की चोटी पर जाने के लिए जंगल से गुजरते हुए और पत्थर से भरा लंबा रास्ता तय करने के बाद 4 किलोमीटर की सीधी चढ़ाई कड़नी पड़ती है

मार्ग में आपको कुछ प्रसिद्ध कुंड और मंदिर भी मिलेंगे यहां के एक सूर्य कुंड को लेकर मानता है कि जो भी उसका पानी पीता है उसकी हर दुःख दर्द दूर हो जाती है इस पहाड़ को लेकर कुछ रहस्यमई बातें भी की जाती है जो लोगों का आकर्षण भी बढ़ती है पहाड़ के बारे में और जानते हैं

दलहा पहाड़ है दलहापुरी गांव में स्थित

अकलतरा तहसील के दलहा पुरी गांव में स्थित है दलहा पहाड़ जो अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण लोगों में अत्यंत की प्रसिद्ध है पहाड़ की ऊंचाई लगभग 700 मीटर है माना जाता है कि सतनामी समाज के संस्थापक यहीं पर तपस्या की थी और दलहा पुरी में ही उन्होंने अपना अंतिम उपदेश दिया था इस पहाड़ के ऊपरी चोटी पर पहुंचाने एवं

ऊपर से पहाड़ के चारों ओर का नजारा देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं विशेष रूप से महाशिवरात्रि एवं नाग पंचमी के दिन यहां पर बेहद भेद होती है मुनि का आश्रम और सूर्यकुंड विशेष प्रसिद्ध है यहां के पंडित उमाशंकर गुरुद्वान के मुताबिक ऐसी मान्यता है कि नाम पृथ्वी के दिन कुंड का पानी पीने से लोगों का स्वास्थ ठीक रहता है लोगों में किसी भी प्रकार की बीमारी हो तो वहां पानी पीने से दूर हो जाती है

नाग पंचमी पर क्यों खास है Dalha Pahad?

नाग पंचमी के दिन Dalha Pahad का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और उत्सवमय हो जाता है। सुबह से ही आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगते हैं।

नाग पूजा, पहाड़ की यात्रा, मंदिरों में दर्शन और मेले का माहौल इस दिन को खास बना देता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सूर्यकुंड का जल पवित्र माना जाता है और श्रद्धालु यहां स्नान तथा जल ग्रहण करते हैं। इन मान्यताओं को धार्मिक आस्था के रूप में देखना चाहिए; इनके स्वास्थ्य संबंधी दावों का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।

Dalha Pahad का प्राकृतिक सौंदर्य

Dalha Pahad केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि nature lovers और trekking पसंद करने वालों के लिए भी आकर्षक जगह है।

पहाड़ की ऊंचाई पर पहुंचने के दौरान आसपास का landscape, हरियाली और खुला आसमान यात्रा को रोमांचक बनाते हैं। बारिश के मौसम में हरियाली और बढ़ जाती है, इसलिए सावन तथा नाग पंचमी के आसपास यहां का प्राकृतिक वातावरण विशेष रूप से सुंदर दिखाई देता है।

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Dalha Pahad में देखने लायक धार्मिक स्थल

पहाड़ और उसके आसपास कई धार्मिक स्थानों का उल्लेख स्थानीय स्रोतों में मिलता है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • अर्धनारीश्वर मंदिर
  • नाग-नागिन मंदिर
  • श्री सिद्ध मुनि आश्रम
  • श्री कृष्ण मंदिर
  • सूर्यकुंड
  • पवन कुंड

शामिल हैं। नाग-नागिन मंदिर की स्थानीय business listing भी Dalha Pahad क्षेत्र में मौजूद है।

नाग पंचमी मेला का माहौल

नाग पंचमी के दिन यहां आने पर आपको एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है। मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। स्थानीय दुकानदार और छोटे व्यापारी मेले के दौरान अपनी दुकानें लगाते हैं।

पूजा सामग्री, प्रसाद, खाने-पीने की चीजें और स्थानीय सामान मेले की रौनक बढ़ाते हैं। बच्चों और परिवारों के लिए भी यह यात्रा धार्मिक अनुभव के साथ-साथ एक traditional fair का अनुभव देती है।

अगर आप photography पसंद करते हैं तो मेले की रंगीन गतिविधियां, पहाड़ की हरियाली और आसपास का ग्रामीण वातावरण आपके लिए अच्छे photo opportunities दे सकता है।

Dalha Pahad Trekking Experience

Dalha Pahad की यात्रा का सबसे रोमांचक हिस्सा इसकी चढ़ाई है। सरकारी प्रकाशन के अनुसार summit तक पहुंचने के लिए लगभग 4 किलोमीटर की steep climb करनी पड़ती है।

इसलिए बुजुर्गों, छोटे बच्चों और ऐसी किसी भी व्यक्ति को जो steep trekking के लिए comfortable नहीं है, अपनी क्षमता के अनुसार यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

Trekking के दौरान ध्यान रखें

  • आरामदायक trekking shoes पहनें।
  • बारिश में फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी रखें।
  • पर्याप्त drinking water साथ रखें।
  • नाग पंचमी मेले के दौरान भीड़ में बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
  • पहाड़ पर plastic और कचरा न फैलाएं।
  • किसी भी unsafe shortcut से बचें।
  • स्थानीय प्रशासन और volunteers के निर्देशों का पालन करें।

दलहा पहाड़ में स्थित अनेक मंदिर

पहाड़ के साथ लोगों की धार्मिक आस्था जुडी हुई है कहा जाता है कि दलहा गिरी अथवा सुंदर गिरी के इस पहाड़ पर दलहा बाबा विराजमान है यहां आपको दलहा पहाड़ के नीचे एवं चारों तरफ अनेक मंदिर भी देखने को मिलता है जिसमें श्री सिद्धू मुनि आश्रम नाग नागिन मंदिर श्री कृष्ण मंदिर आदि काव्य प्रसिद्ध है चतुर्भुज मैदान भी यहां की खासियत है यहां एक राहत समय गुफा भी है या कहा कहां धोखे इसका अभी तक किसी को ज्ञात नहीं हुआ है

दलहा पहाड़ में है 10 कुंड का निर्माण

पहाड़ पर 10 कुंड है यहां भक्त चारों ओर से पहाड़ पर चढ़ते हैं जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का भीड़ रहता है आज तक लोग 8 को ही देख पाए हैं गुंडों की जानकारी नहीं मिली है इनमें से कौन-कौन को बहुत ही पवित्र माना जाता है शरीर की बीमारियां दूर होती हैं कुंड सा पानी साल भर वैसा का वैसा ही रहता है कभी भी नहीं सकता

दलहा पहाड़ चढ़ते समय रखें सावधानी

पहाड़ के चारों ओर कोर्ट गर्ल पंसारी पंडरिया एवं पूरी गांव है यहां से घर जंगल के अंदर से जब लोग बाहर की ओर बढ़ते हैं तो उन्हें कटीले पौधे और पथरी पहाड़ों से होकर गुजरना पड़ता है कितनों के पैरों में कांटे करते हैं एक जंगल में कीड़े और सांप भी रहते हैं इसलिए दल्हा पहाड़ सावधानी से चढ़े और अच्छे जूते का इस्तेमाल करें ताकि पहाड़ चढ़ते समय आपके पैर लगड़ाते है फिर भी चोट से बचे रहे

दलहा पहाड़ में क्या है दर्शन के लायक

दलहा बाबा के दर्शन के लिए यहां आते हैं लोग महाशिवरात्रि और नागफनी के अलावा यहां पर अघन शुक्ल के दिन ही बहुत अच्छा माहौल होता है इस दिन यहां हवन का भी आयोजन होता है तथा आश्रम परिसर में 100 मीटर से भी लंबा झंडा फहराया जाता है आश्रम की एक और खास बात यह है कि क्या बाबा के बुलाने से लंगूर उनके पास आते हैं जैसे ही बाबा उनको बुखार पर बंदर खाने के लिए दौड़ते हुए उनके पास पहुंच जाते हैं

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दलहा पहाड़ बना है ज्वालामुखी से

जानकारों का मानना है कि दलहा पहाड़ भूगर्भिक क्रिया अर्थात ज्वालामुखी उद्गार से निर्मित हुआ है जांजगीर चांपा क्षेत्र पठारी यहां चुना पत्थर भारी मात्रा में पाए जाते हैं यही कारण है कि दलहा पहाड़ की चट्टानें भी चूना पत्थर की है

             दलहा पहाड़ बिलासपुर जिले से लगभग 40 किलोमीटर एवं जांजगीर चंपा मुख्यालय से करीब 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है अकलतरा रेलवे स्टेशन से यहां टैक्सी द्वारा भी पहुंचा जा सकता है बाहर से आने वाले यात्री विवेकानंद हवाई अड्डे रायपुर आने के बाद टैक्सी लेकर यहां आ सकते हैं अकलतरा सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है

Dalha Pahad कैसे पहुंचे?

Dalha Pahad अकलतरा क्षेत्र, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ में स्थित है। उपलब्ध स्थानीय स्रोत इसे Kosmanda, Pondi Dalha और आसपास के क्षेत्र से जोड़ते हैं।

सड़क मार्ग

अकलतरा और आसपास के शहरों से road के माध्यम से Dalha Pahad क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। निजी car, bike या local transport का उपयोग किया जा सकता है।

रेल मार्ग

नजदीकी प्रमुख रेलवे के लिए अकलतरा रेलवे स्टेशन उपयोगी विकल्प हो सकता है। स्टेशन से आगे लोकल टेक्सी / ओटो या अन्य उपलब्ध टांसपोर्लेट कर पहाड़ के आसपास के क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है।

बिलासपुर से

बिलासपुर से Dalha Pahad की दूरी लगभग 35–40 km के आसपास बताई गई है, हालांकि आपका starting point और चुना हुआ route दूरी को बदल सकता है। 2019 के एक ट्नेरेवल स्कोर बिलासपुर से लगभग 40 km की दूरी बताई थी।

Dalha Pahad घूमने का सही समय

यदि आपका उद्देश्य Nag Panchami Mela देखना है तो नाग पंचमी का दिन सबसे खास रहेगा। लेकिन इस दिन भीड़ काफी अधिक हो सकती है।

अगर आप शांत वातावरण में पहाड़, nature और ट्रेकिंग का आनंद लेना चाहते हैं तो festival day के बजाय किसी सामान्य दिन जाना बेहतर हो सकता है।

सावन और मानसून में हरियाली खूबसूरत होती है, लेकिन बारिश के कारण रास्ते slippery हो सकते हैं। इसलिए मौसम की स्थिति देखकर यात्रा करें।

परिवार के साथ यात्रा कैसी रहेगी?

Dalha Pahad धार्मिक आस्था और प्राकृतिक का अनुभवअच्छा है। परिवार के साथ नाग पंचमी मेले में जाना एक यादगार अनुभव हो सकता है।

हालांकि, पहाड़ की स्टीप क्लब को देखते हुए छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है। भीड़ वाले दिन parking, रास्ते और trekking में अतिरिक्त समय लग सकता है।

Dalha Pahad पर क्या लेकर जाएं?

यात्रा को comfortable बनाने के लिए—

  • पानी की बोतल
  • हल्का भोजन/snacks
  • comfortable shoes
  • raincoat या umbrella
  • मोबाइल/कैमरा
  • basic first-aid सामान
  • आवश्यक medicines
  • छोटा backpack

साथ रखना उपयोगी रहेगा।

मेले के दौरान भीड़ अधिक होने के कारण कम सामान लेकर यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा।

Dalha Pahad के आसपास क्या देखें?

Janjgir-Champa जिले में Dalha Pahad के अलावा भी कई धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर Vishnu Mandir और Crocodile Park जैसे स्थानों को भी tourist attractions के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

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इसलिए अगर आपके पास पर्याप्त समय है तो Dalha Pahad के साथ Janjgir-Champa के अन्य attractions को भी travel plan में शामिल किया जा सकता है।

Dalha Pahad यात्रा का मेरा अनुभव

Dalha Pahad की यात्रा में सबसे खास चीज केवल पहाड़ की चोटी तक पहुंचना नहीं है, बल्कि रास्ते में मिलने वाला पूरा अनुभव है। नीचे से पहाड़ को देखना, धीरे-धीरे चढ़ाई करना, आसपास की हरियाली को महसूस करना और ऊपर पहुंचकर खुले landscape को देखना यात्रा को यादगार बनाता है।

नाग पंचमी के समय इस अनुभव में धार्मिक माहौल भी जुड़ जाता है। श्रद्धालुओं की भीड़, पूजा-पाठ और मेले की गतिविधियां Dalha Pahad को एक अलग रूप देती हैं।

Asked Questions – FAQs
  1. Dalha Pahad कहां स्थित है?

Dalha Pahad छत्तीसगढ़ के Janjgir-Champa district के Akaltara क्षेत्र में स्थित है। जिला प्रशासन इसे जिले के टूरिस्ट प्लेस में शामिल करता है।

  1. Dalha Pahad किस लिए प्रसिद्ध है?

यह धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, टेकिंग और Nag Panchami Mela के लिए प्रसिद्ध है।

  1. Dalha Pahad पर नाग पंचमी मेला कब लगता है?

नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष मेला और धार्मिक गतिविधियां होती हैं। मेले की exact व्यवस्थाएं और तारीख/समय हर वर्ष स्थानीय प्रशासन के अनुसार बदल सकते हैं।

  1. क्या Dalha Pahad पर trekking की जा सकती है?

हां। सरकारी जनमन के अनुसार summit तक पहुंचने के लिए लगभग 4 km की steep climb है।

  1. Dalha Pahad की ऊंचाई कितनी है?

छत्तीसगढ़ सरकार के 2026 के जनमन प्रकाशन में इसकी elevation लगभग 700 metres बताई गई है।

  1. क्या नाग पंचमी पर यहां बहुत भीड़ होती है?

हां, नाग पंचमी यहां का प्रमुख धार्मिक अवसर है और इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

  1. क्या बच्चों को Dalha Pahad ले जा सकते हैं?

ले जा सकते हैं, लेकिन steep climb और भीड़ को देखते हुए छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

निष्कर्ष

Dalha Pahad Janjgir-Champa छत्तीसगढ़ की उन जगहों में से है जहां आस्था, प्रकृति, trekking और स्थानीय संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है। नाग पंचमी के दौरान लगने वाला मेला इसकी पहचान को और खास बनाता है।

अगर आप Chhattisgarh में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं जहां धार्मिक यात्रा के साथ पहाड़ और nature का आनंद भी मिले, तो Dalha Pahad Akaltara एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

Anju Ratre