Netrani island Karnataka | India’s hidden heart shaped island and scuba diving paradise

भारत के पश्चिमी तट पर, अरब सागर की नीली लहरों के बीच एक ऐसा रहस्य छिपा है, जिसे देखकर प्रकृति के चमत्कार पर विश्वास हो जाता है। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में मुरुदेश्वर के तट से लगभग 19 किलोमीटर दूर स्थित नेत्रानी द्वीप (Netrani Island) अपनी अनोखी बनावट और अद्भुत समुद्री जीवन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हो रहा है।

ऊपर आसमान या हवाई जहाज से देखने पर यह द्वीप बिल्कुल एक ‘दिल’ (Heart Shape) के आकार का दिखाई देता है, जिसके कारण इसे “इंडियाज़ हिडन हार्ट-शेप्ड आइलैंड” कहा जाता है।

अपनी क्रिस्टल जैसी साफ दृश्यता (Visibility) और समृद्ध प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) के कारण, नेत्रानी द्वीप को मुख्य भूमि भारत का “स्कूबा डाइविंग पैराडाइज” (Scuba Diving Paradise) माना जाता है।

1. नेत्रानी द्वीप का इतिहास और इसका भौगोलिक महत्व

नेत्रानी द्वीप को इतिहास और स्थानीय संस्कृति में कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसे अक्सर “पिजन आइलैंड” भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ भारी संख्या में जंगली कबूतर और शिकारी बाज निवास करते हैं।

भौगोलिक संरचना (Geological Formation)

यह द्वीप पूरी तरह से एक ज्वालामुखीय चट्टान है, जो समुद्र के बीचों-बीच अचानक खड़ी ढलान के साथ उठती है। यहाँ कोई रेतीला तट नहीं है। इसकी चट्टानें नुकीली और बेसाल्ट पत्थरों से बनी हैं। द्वीप का क्षेत्रफल बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन इसके चारों ओर का पानी जैव विविधता के मामले में किसी खजाने से कम नहीं है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ऐतिहासिक रूप से, इस द्वीप का उपयोग भारतीय नौसेना द्वारा टारगेट प्रैक्टिस के लिए किया जाता था। हालांकि, पर्यावरणविदों और स्थानीय मछुआरों के विरोध के बाद, इसके अद्वितीय समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए नौसेना के अभ्यासों को काफी हद तक नियंत्रित और प्रतिबंधित कर दिया गया। आज, यह द्वीप पूरी तरह से एक संरक्षित समुद्री क्षेत्र है।

2. इसे “हार्ट-शेप्ड आइलैंड” क्यों कहा जाता है?

प्रकृति अक्सर हमें अपनी कलाकृतियों से आश्चर्यचकित करती है, और नेत्रानी द्वीप इसका सबसे सटीक उदाहरण है। इस द्वीप का आकार पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से एक मानव दिल जैसा है।

  • हवाई दृश्य (Aerial View): जब आप ड्रोन फुटेज या सैटेलाइट मैप्स (जैसे गूगल अर्थ) के माध्यम से इस द्वीप को देखते हैं, तो इसकी सीमाओं का त्रिकोणीय और घुमावदार मोड़ मिलकर एक सटीक दिल का आकार बनाता है।
  • रोमांच और फोटोग्राफी का केंद्र: यही कारण है कि यह द्वीप कपल्स, हनीमून मनाने वालों और ड्रोन फोटोग्राफर्स के बीच एक ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है। भले ही आप द्वीप की सतह पर कदम नहीं रख सकते, लेकिन इसके चारों ओर नाव से घूमना और इसके आकार को महसूस करना अपने आप में एक जादुई अनुभव है।

3 भारत का स्कूबा डाइविंग पैराडाइज पानी के नीचे की दुनिया

अगर आप सोचते हैं कि स्कूबा डाइविंग के लिए केवल अंडमान, लक्षद्वीप या थाईलैंड ही बेहतरीन विकल्प हैं, तो नेत्रानी द्वीप Netrani Island आपकी इस सोच को पूरी तरह बदल देगा। इसे “मुख्य भूमि भारत का डाइविंग मक्का” कहा जाता है।

असाधारण दृश्यता

नेत्रानी की सबसे बड़ी खासियत यहाँ के पानी की स्पष्टता है। यहाँ पानी के नीचे की दृश्यता 15 मीटर से लेकर 30 मीटर (50 से 100 फीट) तक होती है। इसका मतलब है कि जब आप पानी में गोता लगाते हैं, तो आपको दूर-दूर तक फैले रंग-बिरंगे कोरल और तैरती हुई मछलियाँ बिल्कुल साफ दिखाई देती हैं।

प्रवाल भित्तियाँ

नेत्रानी के चारों ओर कठोर और नरम प्रवाल की दर्जनों प्रजातियाँ पाई जाती हैं। ये कोरल हज़ारों समुद्री जीवों का घर हैं, जो पानी के नीचे एक रंगीन बगीचे जैसा दृश्य प्रस्तुत करते हैं

मुख्य आकर्षण

  • रंग-बिरंगी मछलियाँ: यहाँ आपको पैरटफिश (Parrotfish), बटरफ्लाईफिश (Butterflyfish), एंजेलफिश (Angelfish), और ट्रिगरफिश (Triggerfish) के विशाल झुंड तैरते हुए मिलेंगे।
  • शिकारी और बड़ी मछलियाँ: गहरे पानी में बैराकुडा (Barracuda), मूरिश आइडल (Moorish Idol), और विशाल मोरे ईल्स (Moray Eels) को देखना एक आम बात है।
  • समुद्री कछुए: यहाँ डाइविंग के दौरान ग्रीन सी टर्टल और हॉक्सबिल टर्टल अक्सर डाइवर्स के पास से शांति से तैरते हुए गुजरते हैं।
  • व्हेल शार्क और डॉल्फ़िन : यदि आपकी किस्मत अच्छी है, तो अक्टूबर से दिसंबर के महीनों के बीच आपको दुनिया की सबसे बड़ी मछली, व्हेल शार्क (Whale Shark) देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, मुरुदेश्वर से द्वीप की यात्रा के दौरान नाव के साथ डॉल्फ़िन का तैरना एक बहुत ही आम और खूबसूरत दृश्य है।

4. नेत्रानी का समृद्ध समुद्री जीवन Marine Life

नेत्रानी द्वीप के आसपास स्कूबा डाइविंग करते समय आपका सामना जीवों की एक विशाल और विविध दुनिया से होता है। यहाँ का समुद्री जीवन इतना समृद्ध है कि इसे “अरब सागर का एक्वेरियम” भी कहा जाता है।

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5. स्कूबा डाइविंग के प्रकार और डाइव साइट्स

Netrani island के चारों ओर कई प्रसिद्ध डाइव साइट्स हैं, जो शुरुआती लोगों (Beginners) से लेकर अनुभवी डाइवर्स (Advanced Divers) तक सभी के लिए उपयुक्त हैं।

प्रमुख डाइव साइट्स

  1. द नर्सरी : यह साइट शुरुआती लोगों और ‘डिस्कवर स्कूबा डाइविंग’ (DSD) करने वालों के लिए एकदम सही है। यहाँ पानी की गहराई 5 से 10 मीटर होती है, लहरें शांत होती हैं और छोटे कोरल के साथ ढेर सारी छोटी मछलियाँ देखने को मिलती हैं।
  2. ग्रैंड सेंट्रल स्टेशन : नाम के अनुरूप ही यह जगह बेहद व्यस्त रहती है मछलियों से यहाँ मछलियों के बड़े-बड़े झुंड एक साथ तैरते हैं। इसकी गहराई लगभग 15-20 मीटर है।
  3. द डार्क एली और केव्स : यह साइट अनुभवी डाइवर्स के लिए है। यहाँ कुछ छोटी पानी के नीचे की गुफाएँ और संकरे रास्ते हैं, जहाँ मोरे ईल्स और बड़ी मछलियाँ छिपकर रहती हैं।
  4. डाइवर्स डिलाइट : यहाँ का प्रवाल जीवन सबसे शानदार है। यहाँ सॉफ्ट कोरल की भरमार है और फोटोग्राफी के लिए यह सबसे बेहतरीन साइट मानी जाती हैं।

6. Scuba Diving Paradise और अन्य गतिविधियों का खर्च

यदि आप नेत्रानी द्वीप की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो बजट का सही अनुमान होना जरूरी है। यहाँ की प्रमुख गतिविधियों का औसत खर्च नीचे दिया गया है

गतिविधि का नामअनुमानित खर्च (₹ में)किसके लिए उपयुक्त है?
डिस्कवर स्कूबा डाइविंग (DSD)₹3,500 – ₹4,500शुरुआती लोगों (Non-Swimmers) के लिए, 1 डाइव + इंस्ट्रक्टर
फन डाइव (Certified Divers)₹6,500 – ₹7,500जिनके पास PADI/SSI सर्टिफिकेट है (2 डाइव्स)
स्नॉर्कलिंग (Snorkeling)₹1,500 – ₹2,000जो पानी के अंदर नहीं जाना चाहते, सतह से देखना चाहते हैं
सिर्फ बोट राइड (Passenger Seat)₹1,200 – ₹1,500केवल द्वीप देखने और डॉल्फ़िन देखने के शौकीनों के लिए

इन सभी पैकेजों में आमतौर पर मुरुदेश्वर बंदरगाह से द्वीप तक की नाव यात्रा, हल्के स्नैक्स, पानी और डाइविंग गियर का किराया शामिल होता है।

7. गैर-तैराकों के लिए क्या यह सुरक्षित है?

यह एक बहुत बड़ा भ्रम है कि स्कूबा डाइविंग के लिए तैरना आना अनिवार्य है।

  • डिस्कवर स्कूबा डाइविंग (DSD): यदि आपको तैरना नहीं आता, तो भी आप नेत्रानी में डाइविंग का पूरा आनंद ले सकते हैं। DSD प्रोग्राम के तहत, एक प्रमाणित डाइव इंस्ट्रक्टर हर समय आपके साथ पानी के अंदर रहता है।
  • इंस्ट्रक्टर का नियंत्रण: वह आपके ऑक्सीजन सिलेंडर और जैकेट (BCD) को नियंत्रित करता है। आपको बस मुँह से सांस लेनी होती है और पानी के नीचे के दृश्यों का आनंद लेना होता है। इंस्ट्रक्टर आपका हाथ पकड़कर आपको धीरे-धीरे पानी के नीचे ले जाता है और वापस लाता है।

8. नेत्रानी द्वीप जाने का सबसे अच्छा समय

नेत्रानी द्वीप पर डाइविंग गतिविधियाँ साल भर नहीं चलती हैं। समुद्र की स्थिति और मौसम के आधार पर यहाँ का सीजन तय होता है।

  • अक्टूबर से मई यह नेत्रानी घूमने का मुख्य समय होता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और पानी शांत होता है।
  • नवंबर से फरवरी (पीक सीजन – सबसे अच्छा समय) इन महीनों में पानी के नीचे की दृश्यता अपने उच्चतम स्तर पर होती है। समुद्र का पानी बिल्कुल साफ और नीला होता है, और लहरें न्यूनतम होती हैं। डाइविंग के शौकीनों के लिए यह ‘गोल्डन पीरियड‘ है।
  • जून से सितंबर (मानसून – पूरी तरह बंद) भारी मानसूनी बारिश और अरब सागर में उठने वाली तेज लहरों के कारण इस दौरान सभी प्रकार की बोटिंग और डाइविंग गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इस समय डाइविंग ऑपरेटर्स अपनी सेवाएं बंद रखते हैं।

यात्रा की तैयारी और आवश्यक नियम

चूंकि नेत्रानी द्वीप एक अत्यंत संवेदनशील और संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र है, इसलिए कर्नाटक वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने यहाँ के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं:

  1. द्वीप पर उतरना सख्त मना है नेत्रानी द्वीप पर कोई इंसानी बस्ती नहीं है और न ही यहाँ कोई नाव खड़ी करने का घाट है। यह पूरी तरह से खड़ी चट्टानों का द्वीप है। सैलानियों को नाव से उतरकर द्वीप की जमीन पर कदम रखने की अनुमति नहीं है। आपकी पूरी एक्टिविटी बोट के ऊपर से ही संचालित होती है।
  2. प्लास्टिक और कचरा मुक्त क्षेत्र समुद्र में या द्वीप के आसपास किसी भी प्रकार का प्लास्टिक, बोतल या खाने का सामान फेंकना एक दंडनीय अपराध है। डाइविंग बोट्स पर कचरा जमा करने के लिए विशेष डिब्बे होते हैं।
  3. कोरल को न छुएं पानी के नीचे डाइविंग करते समय आपको सख्त निर्देश दिए जाते हैं कि आप किसी भी प्रवाल (Coral) या समुद्री जीव को हाथ न लगाएं या उन पर पैर न रखें। कोरल बहुत संवेदनशील होते हैं और इंसानी स्पर्श से नष्ट हो सकते हैं।
  4. पहचान पत्र डाइविंग बुक करते समय और नाव पर सवार होते समय आपके पास एक वैध सरकारी पहचान पत्र (Aadhar Card, Passport, Driving License) होना अनिवार्य है, क्योंकि वन विभाग और कोस्ट गार्ड इसकी जांच करते हैं।
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मुरुदेश्वर: नेत्रानी का प्रवेश द्वार

नेत्रानी द्वीप की यात्रा की शुरुआत हमेशा मुरुदेश्वर शहर से होती है। यह एक पवित्र और बेहद खूबसूरत तटीय शहर है, जो अपने धार्मिक महत्व और आधुनिक आकर्षणों के मिश्रण के लिए जाना जाता है।

मुरुदेश्वर के मुख्य आकर्षण

दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची शिव प्रतिमा: मुरुदेश्वर समुद्र तट पर स्थित भगवान शिव की 123 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा मुख्य आकर्षण है। अरब सागर की पृष्ठभूमि में बनी यह प्रतिमा देखने में अत्यंत भव्य और अलौकिक लगती है।

मुरुदेश्वर मंदिर और राजा गोपुरम इस मंदिर का 20 मंजिला ‘राजा गोपुरम’ भारत के सबसे ऊंचे गोपुरमों में से एक है। इस गोपुरम के शीर्ष (20वीं मंजिल) पर जाने के लिए लिफ्ट लगी हुई है, जहाँ से पूरे मुरुदेश्वर शहर, समुद्र तट और विशाल शिव प्रतिमा का विहंगम 360-डिग्री दृश्य दिखाई देता है।

मुरुदेश्वर बीच यह एक लंबा और रेतीला समुद्र तट है जहाँ शाम के समय टहलना, स्थानीय स्ट्रीट फूड का आनंद लेना और सूर्यास्त देखना बेहद शांतिदायक होता है। यहाँ जेट स्की, बनाना राइड और स्पीड बोट जैसी वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियाँ भी उपलब्ध हैं।

नेत्रानी द्वीप पहुँचने का सबसे आसान तरीका

नेत्रानी द्वीप तक सीधे पहुँचने का कोई रास्ता नहीं है। इसके लिए आपको सबसे पहले मुख्य भूमि के प्रवेश द्वार मुरुदेश्वर शहर पहुँचना होगा, जहाँ से नावें द्वीप के लिए जाती हैं।

  • हवाई मार्ग – सबसे नजदीकी हवाई अड्डा मैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो मुरुदेश्वर से लगभग 156 किमी दूर है। वहाँ से आप टैक्सी या बस ले सकते हैं।
  • रेल मार्ग – मुरुदेश्वर रेलवे स्टेशन (MRDW) कोंकण रेलवे रूट पर है, जो मुंबई, गोवा, बेंगलुरु और मैंगलोर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। इसके पास भटकल (15 किमी) और कुमता (60 किमी) स्टेशन भी विकल्प हैं।
  • सड़क मार्ग – राष्ट्रीय राजमार्ग 66 (NH-66) के जरिए मुरुदेश्वर आसानी से पहुँचा जा सकता है। बेंगलुरु, गोवा और मैंगलोर से यहाँ के लिए नियमित सरकारी और प्राइवेट स्लीपर बसें चलती हैं।
  • मुरुदेश्वर से नेत्रानी द्वीप (अंतिम चरण): मुरुदेश्वर बंदरगाह (Harbor) से डाइविंग ऑपरेटर्स की विशेष स्पीड बोट या नावों के जरिए अरब सागर में 1.5 घंटे (लगभग 19 किमी) का सफर तय करके आप नेत्रानी द्वीप पहुँचते हैं। l

एक आदर्श यात्रा कार्यक्रम (Ideal Itinerary – 2 Days / 1 Night)

यदि आप वीकेंड या 2 दिनों की छुट्टी में नेत्रानी और मुरुदेश्वर प्लान कर रहे हैं, तो आप इस यात्रा कार्यक्रम का पालन कर सकते हैं

पहला दिन :- मुरुदेश्वर आगमन और मंदिर दर्शन

  • सुबह (09:00 AM – 12:00 PM) मुरुदेश्वर पहुँचें, होटल में चेक-इन करें और थोड़ा आराम करके फ्रेश हो जाएं।
  • दोपहर (12:30 PM – 03:30 PM) स्थानीय तटीय भोजन (Local Coastal Food) का स्वाद लें। इसके बाद 20-मंजिला ‘राजा गोपुरम’ के शीर्ष पर लिफ्ट से जाएं, जहाँ से विशाल शिव प्रतिमा और अरब सागर का अद्भुत 360-डिग्री दृश्य दिखाई देता है।
  • शाम (04:00 PM – 07:00 PM) विश्व की दूसरी सबसे ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा के दर्शन करें। इसके बाद मुरुदेश्वर बीच पर टहलते हुए खूबसूरत सूर्यास्त देखें और अपने चुने हुए डाइव सेंटर के ऑफिस जाकर अगले दिन की स्कूबा डाइविंग का पेपरवर्क पूरा करें।

दूसरा दिन :- नेत्रानी द्वीप पर स्कूबा डाइविंग का रोमांच

सफर सुबह 6:30 बजे मुरुदेश्वर बंदरगाह से नाव द्वारा अरब सागर को पार करते हुए 1.5 घंटे में नेत्रानी द्वीप पहुँचें।
एडवेंचर ट्रेनर के साथ क्रिस्टल क्लियर पानी में उतरकर अद्भुत कोरल और रंग-बिरंगी मछलियों के बीच स्कूबा डाइविंग का आनंद लें।
वापसी दोपहर 2 बजे तक मुरुदेश्वर मुख्य भूमि पर वापस लौटें, होटल से चेक-आउट करें और अपने घर के लिए विदा हों।


नेत्रानी यात्रा के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

अपनी यात्रा को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें

  • एडवांस बुकिंग अनिवार्य है – वीकेंड और छुट्टियों के दौरान डाइविंग स्लॉट्स बहुत जल्दी भर जाते हैं। इसलिए PADI या SSI से मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित डाइव सेंटर्स से ऑनलाइन एडवांस बुकिंग जरूर कर लें।
  • मोशन सिकनेस (सी-सिकनेस) की दवा – यदि आपको नाव की सवारी या समुद्र की लहरों से उल्टी/चक्कर आने की समस्या है, तो नाव पर चढ़ने से कम से कम आधा घंटा पहले डॉक्टर की सलाह पर मोशन सिकनेस की दवा (जैसे Avomine) जरूर ले लें। खाली पेट डाइविंग करने से बचें, लेकिन बहुत भारी खाना भी न खाएं।
  • सनस्क्रीन और सुरक्षा – समुद्र में धूप बहुत तेज होती है। वाटरप्रूफ और इको-फ्रेंडली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि आपके कारण कोरल को नुकसान न पहुँचे। इसके अलावा धूप का चश्मा और टोपी अपने साथ रखें।
  • डाइविंग के तुरंत बाद उड़ान न भरें :– यदि आप विमान से यात्रा कर रहे हैं, तो याद रखें कि स्कूबा डाइविंग करने और हवाई जहाज में बैठने के बीच कम से कम 18 से 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। ऐसा पानी के नीचे शरीर में जमा होने वाली नाइट्रोजन गैस के कारण ‘डीकंप्रेशन सिकनेस’ से बचने के लिए जरूरी है।
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Ask Questions

1. Netrani Island कहाँ स्थित है?
Netrani Island कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के तट से दूर अरब सागर में स्थित एक खूबसूरत द्वीप है। यह मुरुडेश्वर के पास होने के कारण पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

2. Netrani Island को Heart Shaped Island क्यों कहा जाता है?
द्वीप का आकार कुछ कोणों से दिल जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे “Heart Shaped Island” के नाम से भी जाना जाता है।

3. Netrani Island पर Scuba Diving क्यों प्रसिद्ध है?
यहाँ साफ समुद्री पानी, चट्टानी समुद्री संरचनाएँ और विविध समुद्री जीवन देखने को मिलता है। इसी वजह से Netrani को कर्नाटक के प्रमुख scuba diving destinations में गिना जाता है।

4. Netrani Island घूमने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
आमतौर पर समुद्र शांत रहने वाले महीनों में यहाँ जाना बेहतर माना जाता है। मानसून के दौरान समुद्री परिस्थितियों के कारण water activities प्रभावित हो सकती हैं।

5. क्या beginners भी Netrani Island में scuba diving कर सकते हैं?
हाँ, कई diving operators beginners के लिए introductory dives कराते हैं। हालांकि समुद्र में उतरने से पहले operator की safety instructions और medical requirements को ध्यान से समझना चाहिए।

6. Netrani Island कैसे पहुँचे?
आमतौर पर Murudeshwar या आसपास के तटीय क्षेत्रों से boat के माध्यम से diving और island trips आयोजित की जाती हैं।

7. क्या Netrani Island पर रात में रुक सकते हैं?
द्वीप पर सामान्य tourist accommodation की सुविधा सीमित/उपलब्ध नहीं मानी जाती। अधिकतर यात्री Murudeshwar या आसपास ठहरकर day trip करते हैं।

निष्कर्ष

नेत्रानी द्वीप (Netrani Island) केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक अनूठा अनुभव है। भारत के नक्शे पर एक छोटे से बिंदु जैसा दिखने वाला यह दिल के आकार का द्वीप अपने सीने में चमकीले नीले पानी और असीमित जलीय संपदा को समेटे हुए है। मुरुदेश्वर की आध्यात्मिकता और नेत्रानी का रोमांच मिलकर आपकी यात्रा को जीवन भर के लिए यादगार बना देते हैं।

यदि आप भी अपनी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से दूर, एक शांत और विस्मयकारी दुनिया का अनुभव करना चाहते हैं, तो अपना बैग पैक कीजिए और भारत के इस छिपे हुए दिल यानी नेत्रानी द्वीप की ओर रुख कीजिए!

मेरा यात्रा अनुभव

Netrani Island की यात्रा मेरे लिए सिर्फ एक सामान्य beach trip नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई को करीब से महसूस करने वाला रोमांचक अनुभव हो सकता है। नाव जैसे-जैसे तट से दूर जाती है, चारों तरफ फैला अरब सागर और नीला आसमान यात्रा को बेहद खूबसूरत बना देता है।

द्वीप के पास पहुँचते ही समुद्र का रंग और आसपास का प्राकृतिक वातावरण मन को आकर्षित करता है। लेकिन Netrani की असली खूबसूरती पानी के नीचे दिखाई देती है। के दौरान समुद्री चट्टानों, रंग-बिरंगी मछलियों और को देखना इस यात्रा का सबसे यादगार हिस्सा बन सकता है।

Anju Ratre