Krishna Janmashtami Festival to Saptdeva Temple korba
कोरबा के सप्तदेव मंदिर परिसर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का महापर्व इस वर्ष 6 सितम्बर को पूरे देशभर में मनाया जाएगा। कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार भगवान श्री कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जो हिंदुओं द्वारा पूजे जाने वाले सबसे लोकप्रिय देवताओं में से एक हैं। सप्तदेव मंदिर के दर्शन के लिए लोग दूर दूर अपने परिवार और दोस्तों के साथ आते हैं
श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति द्वारा रानी गेट पुरानी बस्ती से निकाली जाएगी ऐतिहासिक शोभायात्रा
जन्माष्टमी पर्व को लेकर कोरबा जिले में अच्छा खासा उत्साह देखने को मिलता है। वैसे तो इस दिन जगह-जगह गोविंदा की टोली द्वारा दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है लेकिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति रानी गेट पुरानी बस्ती द्वारा आयोजित शोभायात्रा और दही हांडी कार्य फोड़ कार्यक्रम आकर्षण का मुख्य केंद्र होता है ।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर हर गली-मुहल्ले में दहीं हांडी की प्रतियोगिता रखी जाती है। यहां मटकी में दही के साथ घी, बादाम और सूखे मेवे भी डाले जाते हैं, जिसे युवाओं की टोली मिलकर तोड़ती है
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शोभायात्रा में ये होगा आकर्षण का केंद्र
श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति रानी गेट पुरानी बस्ती के युवाओं ने 6 सितंबर को आयोजित होने वाले जन्माष्टमी पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारी शुरू कर दी है । आयोजन समिति के युवाओं ने बताया कि हर साल पुरानी बस्ती से श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है ,लेकिन इस बार जन्माष्टमी और भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की जा रही है । इस बार भगवान श्री कृष्ण और राधा की झांकी ऐतिहासिक होगी । शोभा यात्रा के दौरान डीजे , करमा नृत्य, धमाल पार्टी, मोर नर्तक ढोल ताशा समेत रथ पर सवार राधा कृष्ण की झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी । इस बार गोविंदाओं की विशेष टोली द्वारा दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है
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सत्यदेव मंदिर में धूमधाम से मनाया जाएगा कृष्ण जन्मोत्सव
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आयोजन समिति के सदस्य विशाल साहू ने बताया कि 6 सितंबर शाम 4:00 बजे रानी गेट से ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली जाएगी जो अग्रसेन चौक से मुख्य मार्ग होते हुए सत्यदेव मंदिर पहुंचेगी । यहां हर्षोल्लास के साथ श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा । इसके उपरांत शोभायात्रा यहां से निकल कर पुनः रानी गेट जाकर समाप्त होगी । इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह नास्ता शर्बत वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
आयोजन समिति के समस्त सदस्यों ने शहर वासियों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस शोभायात्रा में शामिल होकर कृष्ण जन्मोत्सव की शोभा बढ़ाएं
हर वर्ष धूमधाम से मनाई जाने वाली कृष्ण जन्माष्टमी कोरबा में स्थित ग्राम वासियों का सर आनन्द से ऊंचा कर देता है और इस जगह के दर्शन के लिए एक बार जरूर जाना चाहिए क्योंकि यहां स्थान देखने योग्य है और काफी लोकप्रिय है
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान होने वाले कार्यक्रम:
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रोशनी से सजावट:जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर को बिजली की झालरों से खूबसूरती से सजाया जाता है।
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राधा-कृष्ण के रूप में बच्चे:मंदिर परिसर में बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप में सजाया जाता है, जो भक्तों को वृंदावन का अनुभव कराते हैं।
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लड्डू गोपाल को झुलाना:भक्त मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल को झूले में झुलाते हैं।
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दही हांडी प्रतियोगिता:युवाओं के लिए दही हांडी फोड़ने जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
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भक्ति गीत और नृत्य:भक्त भगवान कृष्ण के जीवन को याद करने के लिए भक्ति गीत गाते हैं और उन पर नृत्य करते हैं।
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खीरा काटने की परंपरा:मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के बाद, खीरे को प्रतीकात्मक रूप से काटा जाता है, जो उनके जन्म का प्रतीक है।
सत्यदेव मंदिर में खास तैयारी से मनाया गया पर्व:
शहर के सीतामणी स्थित सप्तदेव मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के लिए खास तैयारी हर साल की जाती है. इस साल भी यहां कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बाल गोपाल की अलग-अलग झांकियां बनाई गई थी. राधा कृष्ण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. 10 वर्ष तक के बच्चे राधा कृष्ण की वेशभूषा में यहां पहुंचे थे. जिन्हें पुरस्कार भी दिया गया. श्री कृष्ण के जन्म से लेकर अलग-अलग लीलाओं का प्रदर्शन किया गया. जिसे देखने के लिए हजारों की तादाद में भक्त यहां पहुंचे.
धूमधाम से मना त्योहार: सप्तदेव मंदिर के सदस्य गोपाल मोदी ने कहा कि हम लगभग 31 वर्ष से सप्तदेव मंदिर में इस त्योहार को मना रहे हैं. खास तैयारी की गई है, पूरे दिन आयोजन किए गए. जो की देर रात तक चले. आयोजन में शामिल होने पहुंची भक्त रुचिका ने कहा कि हम धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मना रहे हैं.
आकर्षण का केंद्र रहा दही हांडी प्रतियोगिता: मंदिर के साथ ही पुराना बस स्टैंड में दही-हांडी प्रतियोगिता रखी गई. जिसे देखने हजारों लोग यहां पहुंचे. स्थानीय निवासी आशुतोष ने बताया कि हमारे बाल गोपाल समिति की तरफ से हमने दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया. जिसमें भाग लेने के लिए जिले के कोने कोने से युवा आए. हमें लोगों को भरपूर प्यार मिला. पूजा में शामिल होने आई ममता ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार हमारे परिवार के लिए खास रहता है. हम इसे बेहद धूमधाम से हर साल सेलिब्रेट करते हैं.
प्रमुख पर्यटन स्थल:
केंदई झरना (Kendai Waterfall): घने जंगलों के बीच स्थित यह झरना मानसून में सबसे सुंदर होता है, जहाँ पानी दो हिस्सों में बंटकर इंद्रधनुष जैसा नज़ारा बनाता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श है।
चैतुरगढ़ किला (Chaithurgarh Fort): ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला यह किला घने जंगलों से घिरा है और महिषासुर मर्दिनी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ ट्रेकिंग का आनंद भी लिया जा सकता है।
मड़वारानी मंदिर (Madwarani Temple): कोरबा-चांपा मार्ग पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है और नवरात्रि में यहाँ भक्तों की भीड़ रहती है।
सतरेंगा (Satrenga): इसे अब “मिनी गोवा” कहा जाता है, यह दोस्तों और परिवार के साथ शांत वातावरण में समय बिताने के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है।
कुदुरमाल (Kudurmal): यह गांव संकटमोचन हनुमान मंदिर और संत कबीर की प्राचीन समाधि के लिए जाना जाता है, जहाँ माघ पूर्णिमा पर मेला लगता है।
गोल्डन आइलैंड (Golden Island): अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह जगह बहुत लोकप्रिय है और दोस्तों के साथ घूमने के लिए अच्छी है।
कनकेश्वर महादेव मंदिर (Kankeshwar Mahadev Temple): कनकी गांव में स्थित यह प्राचीन मंदिर स्वयंभू शिवलिंग और नक्काशीदार मूर्तियों के लिए जाना जाता है।
सर्वमंगला मंदिर (Sarvamangala Temple): दुर्गा माता को समर्पित यह कोरबा का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जो त्रिलोकीनाथ मंदिर और काली मंदिर जैसे अन्य मंदिरों से घिरा है।
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